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धूमधाम से मनाया गया बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व
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जम्मू। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयदशमी का त्योहार शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। जहां दिनभर मुख्य बाजारों में काफी रौनक रही, वहीं, कोरोना के चलते इस बार ही सार्वजनिक तौर पर पुतलों का दहन नहीं किया गया। लेकिन सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने गली-मोहल्ला स्तर पर सांकेतिक तौर पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन कर सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। पर्व को लेकर बच्चों में अधिक उत्साह दिखाई दिया।
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रबंधन ट्रस्ट की ओर से मंदिर परिसर में विजयदशमी पर कार्यक्रम हुआ। रिच हार्वेस्ट स्कूल बाड़ी ब्राह्मणा के विद्यार्थियों के सहयोग से तैयार किए गए रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। इसके लिए भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान स्वरूप धारण कर आए और पुतलों को आग के हवाले किया। इसमें मास्टर आर्यवीर जमवाल, शौर्यवीर जमवाल और अनमोल चगदाल ने प्रभु श्रीराम, लक्षमण और हमुनान की भूमिका निभाई। कोविड एसओपी के तहत मौजूद भीड़ ने बच्चों की हौसला आफजाई की।
ट्रस्ट के प्रधान गुलचैन सिंह चाड़क ने बताया कि विजयदशमी हमारी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। खासतौर पर युवा पीढ़ी को लेकर ऐसे आयोजनों से जोड़ना चाहिए। समारोह में एससी रेखी, दीपक गुप्ता, पृथ्वी राज वेद, प्रेम शर्मा, हर्ष मल्होत्रा आदि मौजूद रहे। इस बीच पुराने शहर के जुल्लाका मोहल्ला में भी क्षेत्रवासियों ने रावण के पुतले का दहन किया। इस पुतले का निर्माण नैतिक, लक्की, वंश और गौरव के सहयोग से किया गया। इसके अलावा शहर के अन्य क्षेत्रों में भी स्थानीय स्तर पर छोटे सांकेतिक पुतलों का दहन किया गया।
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श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रबंधन ट्रस्ट की ओर से मंदिर परिसर में विजयदशमी पर कार्यक्रम हुआ। रिच हार्वेस्ट स्कूल बाड़ी ब्राह्मणा के विद्यार्थियों के सहयोग से तैयार किए गए रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। इसके लिए भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान स्वरूप धारण कर आए और पुतलों को आग के हवाले किया। इसमें मास्टर आर्यवीर जमवाल, शौर्यवीर जमवाल और अनमोल चगदाल ने प्रभु श्रीराम, लक्षमण और हमुनान की भूमिका निभाई। कोविड एसओपी के तहत मौजूद भीड़ ने बच्चों की हौसला आफजाई की।
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ट्रस्ट के प्रधान गुलचैन सिंह चाड़क ने बताया कि विजयदशमी हमारी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। खासतौर पर युवा पीढ़ी को लेकर ऐसे आयोजनों से जोड़ना चाहिए। समारोह में एससी रेखी, दीपक गुप्ता, पृथ्वी राज वेद, प्रेम शर्मा, हर्ष मल्होत्रा आदि मौजूद रहे। इस बीच पुराने शहर के जुल्लाका मोहल्ला में भी क्षेत्रवासियों ने रावण के पुतले का दहन किया। इस पुतले का निर्माण नैतिक, लक्की, वंश और गौरव के सहयोग से किया गया। इसके अलावा शहर के अन्य क्षेत्रों में भी स्थानीय स्तर पर छोटे सांकेतिक पुतलों का दहन किया गया।
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