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जम्मू की सड़कों पर मजदूरों के हक की गूंज
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:05 PM IST
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प्रदर्शन करते यूनियन के लोग
- फोटो : Amar Ujala
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जम्मू में शुक्रवार को दिनभर सड़कों पर मजदूरों के हक की आवाज गूंजती रही। सीटू और इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेटी (आर) व जेएंडके को-आर्डिनेशन कमेटी आफ ट्रेड यूनियन (जेकेसीसीटी) के आह्वान पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शित किया।
मेडिकल रिप्रजेंटेटिव ने भी प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। उधर, राष्ट्रीय बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्रों की बीमा कंपनी में देशव्यापी हड़ताल का मिला जुला-असर रहा।
न्यूनतम 18 हजार हो मुलाजिमों का वेतन
न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने, क्लरिकल स्टाफ की वेतन विसंगतियों को दूर करने व अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर इंप्लाइज ज्वाइन एक्शन कमेटी (आर) और जेएंडके को-आर्डिनेशन कमेटी आफ ट्रेड यूनियन (जेकेसीसीटी) ने शुक्रवार को आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंप्लाइज फेडरेशन की हड़ताल का समर्थन करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
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ईजेएसी के प्रधान बाबू हुसैन मलिक और जेकेसीसीटीयू के प्रधान मोहम्मद मकबूल के नेतृत्व में कर्मचारी उद्योग भवन में एकजुट हुए। यहां सभी ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बाबू हुसैन मलिक ने कहा की सरकार की नीतियां पूरी तरह से कर्मचारियों के विरोध में है।
अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी बनाने के लिए सरकार ने आज तक कोई योजना तैयार नहीं की है। सातवां वेतन आयोग लागू करने से सरकार ने इंकार कर दिया है, जबकि आसमान छूती महंगाई में कम वेतन काम करना बहुत मुश्किल हो चुका है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि न्यूनतम वेतन कम से कम 18 हजार रुपये किया जाए।
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मेडिकल रिप्रजेंटेटिव ने भी प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। उधर, राष्ट्रीय बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्रों की बीमा कंपनी में देशव्यापी हड़ताल का मिला जुला-असर रहा।
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न्यूनतम 18 हजार हो मुलाजिमों का वेतन
न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने, क्लरिकल स्टाफ की वेतन विसंगतियों को दूर करने व अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर इंप्लाइज ज्वाइन एक्शन कमेटी (आर) और जेएंडके को-आर्डिनेशन कमेटी आफ ट्रेड यूनियन (जेकेसीसीटी) ने शुक्रवार को आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंप्लाइज फेडरेशन की हड़ताल का समर्थन करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
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ईजेएसी के प्रधान बाबू हुसैन मलिक और जेकेसीसीटीयू के प्रधान मोहम्मद मकबूल के नेतृत्व में कर्मचारी उद्योग भवन में एकजुट हुए। यहां सभी ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बाबू हुसैन मलिक ने कहा की सरकार की नीतियां पूरी तरह से कर्मचारियों के विरोध में है।
अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी बनाने के लिए सरकार ने आज तक कोई योजना तैयार नहीं की है। सातवां वेतन आयोग लागू करने से सरकार ने इंकार कर दिया है, जबकि आसमान छूती महंगाई में कम वेतन काम करना बहुत मुश्किल हो चुका है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि न्यूनतम वेतन कम से कम 18 हजार रुपये किया जाए।
विदेशी कंपनियों के लिए केंद्र बदल रहा श्रम कानून
हड़ताल पर रहे कई यूनियन
- फोटो : Amar Ujala
देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए जम्मू मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन (जेएमआरए) ने शुक्रवार को प्रेस क्लब के बाहर एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि केंद्र सरकार विदेशी कंपनियों को लुभाने के लिए मजदूर वर्ग को परेशान कर रही है।
जेएमआरए के अध्यक्ष पीएस खालसा के नेतृत्व में एसोसिएशन के सदस्यों ने जमकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रवक्ता दिनेश गुप्ता ने कहा कि सरकार श्रमिक कानूनों में बदलाव करके मजदूर वर्ग व कर्मचारियों को परेशान करने का प्रयास कर रही है।
श्रमिक कानूनों में बदलाव के जरिए विदेशी कंपनियों को रिझाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में कर्मचारियों और मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पडे़गा।
उनकी मांग है की सरकार पुराने श्रमिक कानूनों में कोई बदलाव न करे। इसके अलावा न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करके पुरानी मांग को पूरा करे। टूर पर जाने के दौरान उनकी सुरक्षा की तरफ भी ध्यान दिया जाए। इस मौके पर पंकज कोहली, रविंद्र सिंह आदि लोग मौजूद थे।
जेएमआरए के अध्यक्ष पीएस खालसा के नेतृत्व में एसोसिएशन के सदस्यों ने जमकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रवक्ता दिनेश गुप्ता ने कहा कि सरकार श्रमिक कानूनों में बदलाव करके मजदूर वर्ग व कर्मचारियों को परेशान करने का प्रयास कर रही है।
श्रमिक कानूनों में बदलाव के जरिए विदेशी कंपनियों को रिझाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में कर्मचारियों और मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पडे़गा।
उनकी मांग है की सरकार पुराने श्रमिक कानूनों में कोई बदलाव न करे। इसके अलावा न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करके पुरानी मांग को पूरा करे। टूर पर जाने के दौरान उनकी सुरक्षा की तरफ भी ध्यान दिया जाए। इस मौके पर पंकज कोहली, रविंद्र सिंह आदि लोग मौजूद थे।