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दिल्ली-जम्मू वाया वैष्णो देवी तक चलने वाली वंदे भारत ट्रेन का यह होगा किराया, मिलेगी खास सुविधाएं
Tue, 01 Oct 2019 09:43 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 01 Oct 2019 09:43 PM IST
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वंदे भारत एक्सप्रेस
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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देश की सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली वंदे भारत ट्रेन (22439 व 22440) दिल्ली- कटड़ा के बीच की दूरी तय करने के लिए तैयार है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन अक्तूबर यानी गुरुवार को दिल्ली से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर माता वैष्णो देवी के लिए रवाना करेंगे। हालांकि यात्रियों के लिए यह ट्रेन पांच अक्तूबर से मंगलवार को छोड़ कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। इसमें यात्री दिल्ली से कटड़ा तक का सफर मात्र आठ घंटे में पूर कर पाएंगे।
रेलवे बोर्ड के मेंबर रोलिंग स्टॉक राजेश अग्रवाल ने कहा कि पहली वंदे भारत में जो कमियां थीं, उन्हें दूसरी ट्रेन में दूर किया गया है। जल्द ही इसी आधार पर दिल्ली-वाराणसी के बीच चलने वाली ट्रेनों की समस्या दूर की जाएगी। रेलवे सौ नई वंदे भारत ट्रेन बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
अगले साल 40 वंदे भारत ट्रेनें ट्रैक पर उतारने की तैयारी चल रही है। नवरात्र पर्व में वंदे भारत ट्रेन की घोषणा होने के साथ ही यात्रियों ने इस ट्रेन को हाथों - हाथ लिया है। पांच अक्तूबर को नई दिल्ली से चलने वाली ट्रेन की सीटें फुल हो गई हैं। इस ट्रेन में यात्रियों को खाना स्वेच्छा से मिलेगा। जम्मू से दिल्ली तक का ट्रेन का एसी चेयर का किराया 1365 रुपये है।
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शीशे पर नहीं होगा पत्थर का असर
पहली वंदे भारत ट्रेन जब ट्रैक पर उतरी थी तो पत्थरबाजों ने कई बार इसे निशाना बनाया। शकूरबस्ती रेल शेड से निकलते ही इस ट्रेन को निशाना बना लिया जाता था। कई बार चलती ट्रेन पर भी पत्थर फेंका गया, जिससे विंडो का शीशा क्षतिग्रस्त हो जाता था। इसे ध्यान में रखकर इस बार विंडो के शीशे को मजबूती दी गई है। अब पत्थर फेंके जाने का असर इस पर नहीं पड़ेगा और यात्री भी बिना डर के यात्रा कर सकेंगे।
जानवरों के ट्रैक पर आने से नहीं होगी क्षतिग्रस्त
ट्रैक पर फेंसिंग नहीं होने के कारण तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों से जानवर अक्सर मारे जाते हैं। इससे ट्रेन को भी क्षति पहुंचती है। इसे ध्यान में रखकर ट्रेन को इस तरह तैयार किया गया है कि जानवर ट्रेन के भीतर नहीं फंसे। जानवर जैसे ही ट्रेन से टकराएगा तो सेफ गार्ड उसे ट्रैक से अलग फेंक देगा। हालांकि जानवर झुंड में हुए तो परेशानी हो सकती है।
पेंट्री के लिए जगह का भी है इंतजाम
पहली वंदे भारत में पेंट्री की सुविधा नहीं होने से खाना परोसने में परेशानी हो रही थी। दिल्ली-कटड़ा के बीच चलने वाली दूसरी वंदे भारत ट्रेन में अलग से पेंट्री के लिए जगह की व्यवस्था की गई है। विमान की तर्ज पर खाने को गर्म करने की व्यवस्था होगी। आइसक्रीम रखने की भी अलग से व्यवस्था है।
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रेलवे बोर्ड के मेंबर रोलिंग स्टॉक राजेश अग्रवाल ने कहा कि पहली वंदे भारत में जो कमियां थीं, उन्हें दूसरी ट्रेन में दूर किया गया है। जल्द ही इसी आधार पर दिल्ली-वाराणसी के बीच चलने वाली ट्रेनों की समस्या दूर की जाएगी। रेलवे सौ नई वंदे भारत ट्रेन बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
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अगले साल 40 वंदे भारत ट्रेनें ट्रैक पर उतारने की तैयारी चल रही है। नवरात्र पर्व में वंदे भारत ट्रेन की घोषणा होने के साथ ही यात्रियों ने इस ट्रेन को हाथों - हाथ लिया है। पांच अक्तूबर को नई दिल्ली से चलने वाली ट्रेन की सीटें फुल हो गई हैं। इस ट्रेन में यात्रियों को खाना स्वेच्छा से मिलेगा। जम्मू से दिल्ली तक का ट्रेन का एसी चेयर का किराया 1365 रुपये है।
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शीशे पर नहीं होगा पत्थर का असर
पहली वंदे भारत ट्रेन जब ट्रैक पर उतरी थी तो पत्थरबाजों ने कई बार इसे निशाना बनाया। शकूरबस्ती रेल शेड से निकलते ही इस ट्रेन को निशाना बना लिया जाता था। कई बार चलती ट्रेन पर भी पत्थर फेंका गया, जिससे विंडो का शीशा क्षतिग्रस्त हो जाता था। इसे ध्यान में रखकर इस बार विंडो के शीशे को मजबूती दी गई है। अब पत्थर फेंके जाने का असर इस पर नहीं पड़ेगा और यात्री भी बिना डर के यात्रा कर सकेंगे।
जानवरों के ट्रैक पर आने से नहीं होगी क्षतिग्रस्त
ट्रैक पर फेंसिंग नहीं होने के कारण तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों से जानवर अक्सर मारे जाते हैं। इससे ट्रेन को भी क्षति पहुंचती है। इसे ध्यान में रखकर ट्रेन को इस तरह तैयार किया गया है कि जानवर ट्रेन के भीतर नहीं फंसे। जानवर जैसे ही ट्रेन से टकराएगा तो सेफ गार्ड उसे ट्रैक से अलग फेंक देगा। हालांकि जानवर झुंड में हुए तो परेशानी हो सकती है।
पेंट्री के लिए जगह का भी है इंतजाम
पहली वंदे भारत में पेंट्री की सुविधा नहीं होने से खाना परोसने में परेशानी हो रही थी। दिल्ली-कटड़ा के बीच चलने वाली दूसरी वंदे भारत ट्रेन में अलग से पेंट्री के लिए जगह की व्यवस्था की गई है। विमान की तर्ज पर खाने को गर्म करने की व्यवस्था होगी। आइसक्रीम रखने की भी अलग से व्यवस्था है।
स्टाफ के लिए डिजाइन की गई है ड्रेस
ट्रेन का स्टाफ डिजाइनर ड्रेस में दिखेगा। मशहूर फैशन डिजाइनर रितु बेरी के डिजाइन किए सूट में स्टाफ यात्रियों के टिकट चेक करेगा और उनका स्वागत करेगा। इस ट्रेन के ड्राइवर को विमान की तरह ही कैप्टन कहा जाएगा। खाना परोसने वाले परिचारक भी एक जैसी ड्रेस में दिखेंगे।
सभी कोच में होगा सेंसरयुक्त दरवाजा
वंदे भारत एक्सप्रेस में ऑटोमेटिक दरवाजा मुख्य गेट पर तो होगा ही, कोच के अंदर भी सेंसरयुक्त गेट होगा। यात्री जैसे ही दरवाजे के समीप पहुंचेंगे, यह स्वत: खुल जाएगा। इसी तरह रीडिंग ग्लास भी सिर्फ छू लेने मात्र से जलेगा और बुझ जाएगा।
आरामदायक सीटों की व्यवस्था
नई वंदे भारत में आरामदायक सीटों की व्यवस्था की गई है। यह सीट 180 डिग्री पर घूम भी सकती है। इसका फायदा यह होगा कि चार लोग एक साथ यात्रा कर रहे तो सीट घुमाकर आमने-सामने बैठ सकेंगे। इस ट्रेन में यात्रियों को सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। ट्रेन के 16 कोच में 14 चेयर कार और 2 एग्जीक्यूटिव क्लास चेयर कार कोच होंगे। चेयर कार कोच में 78 कुर्सियां हैं। एग्जीक्यूटिव क्लास में 52 यात्री सफर करेंगे।
सुबह 6 बजे चल दोपहर 2 बजे पहुंचेगी कटरा
ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन से सुबह 6 बजे चलेगी। अंबाला स्टेशन पर यह 8:10 बजे पहुंचेगी। इसके बाद 9:19 बजे लुधियाना, 12:38 बजे जम्मू और दोपहर दो बजे कटड़ा स्टेशन पर पहुंचेगी। वापसी दिशा में कटड़ा से ट्रेन तीन बजे चलेगी। शाम 4:13 बजे यह जम्मू, 7:32 बजे लुधियाना, रात 8:48 बजे अंबाला कैंट पहुंचेगी। नई दिल्ली स्टेशन पर ट्रेन रात के 11 बजे पहुंच जाएगी। ट्रेन हर स्टेशन पर महज दो मिनट के लिए ही रुकेगी।
ट्रेन का स्टाफ डिजाइनर ड्रेस में दिखेगा। मशहूर फैशन डिजाइनर रितु बेरी के डिजाइन किए सूट में स्टाफ यात्रियों के टिकट चेक करेगा और उनका स्वागत करेगा। इस ट्रेन के ड्राइवर को विमान की तरह ही कैप्टन कहा जाएगा। खाना परोसने वाले परिचारक भी एक जैसी ड्रेस में दिखेंगे।
सभी कोच में होगा सेंसरयुक्त दरवाजा
वंदे भारत एक्सप्रेस में ऑटोमेटिक दरवाजा मुख्य गेट पर तो होगा ही, कोच के अंदर भी सेंसरयुक्त गेट होगा। यात्री जैसे ही दरवाजे के समीप पहुंचेंगे, यह स्वत: खुल जाएगा। इसी तरह रीडिंग ग्लास भी सिर्फ छू लेने मात्र से जलेगा और बुझ जाएगा।
आरामदायक सीटों की व्यवस्था
नई वंदे भारत में आरामदायक सीटों की व्यवस्था की गई है। यह सीट 180 डिग्री पर घूम भी सकती है। इसका फायदा यह होगा कि चार लोग एक साथ यात्रा कर रहे तो सीट घुमाकर आमने-सामने बैठ सकेंगे। इस ट्रेन में यात्रियों को सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। ट्रेन के 16 कोच में 14 चेयर कार और 2 एग्जीक्यूटिव क्लास चेयर कार कोच होंगे। चेयर कार कोच में 78 कुर्सियां हैं। एग्जीक्यूटिव क्लास में 52 यात्री सफर करेंगे।
सुबह 6 बजे चल दोपहर 2 बजे पहुंचेगी कटरा
ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन से सुबह 6 बजे चलेगी। अंबाला स्टेशन पर यह 8:10 बजे पहुंचेगी। इसके बाद 9:19 बजे लुधियाना, 12:38 बजे जम्मू और दोपहर दो बजे कटड़ा स्टेशन पर पहुंचेगी। वापसी दिशा में कटड़ा से ट्रेन तीन बजे चलेगी। शाम 4:13 बजे यह जम्मू, 7:32 बजे लुधियाना, रात 8:48 बजे अंबाला कैंट पहुंचेगी। नई दिल्ली स्टेशन पर ट्रेन रात के 11 बजे पहुंच जाएगी। ट्रेन हर स्टेशन पर महज दो मिनट के लिए ही रुकेगी।