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J&K: महाराजा हरि सिंह की जयंती पर छुट्टी को लेकर विधानसभा में हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 27 Jan 2017 09:37 PM IST
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा
- फोटो : AMAR UJALA
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विपक्षी सदस्यों की गैर मौजूदगी में महाराजा हरि सिंह जयंती पर राजकीय अवकाश संबंधी प्रस्ताव के पारित होने का नेशनल कांफ्रेंस ने जमकर विरोध किया।
विधान परिषद में 24 जनवरी को पारित निजी सदस्य प्रस्ताव पर शुक्रवार को नेशनल कांफ्रेंस के सदस्यों ने सदन में पहले हंगामा किया। चेयरमैन वेल तक पहुंचकर नारे लगाए और फिर प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया को साजिश करार देकर वाकआउट कर दिया। इसी मामले पर विधानसभा में भी नेकां ने विरोध जताया।
नेशनल कांफ्रेंस के डा. बशीर अहमद वीरी, शौकत गनेई, अली मोहम्मद डार, कैसर जमशेद लोन, डा. शहनाज गनेई और मास्टर नूर हुसेन ने पारित प्रस्ताव को खारिज किए जाने पर जोर दिया। एमएलसी डा. बशीर अहमद वीरी ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के सदस्य जब सदन में नहीं थे तब इस प्रस्ताव को पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में वर्ष 1931 में लोगों पर गोलियां चलाई गईं जिसकी याद में सरकारी स्तर पर शहीदी दिवस भी मनाया जाता है। ऐसा शासनकाल देने वाले महाराजा हरि सिंह के नाम पर अवकाश की घोषणा कैसे की जा सकती है। नेकां इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। हालांकि, भाजपा एमएलसी रमेश अरोड़ा ने प्वाइंट आफ आर्डर लेते हुए कहा कि निजी सदस्य प्रस्ताव विधान परिषद में पारित हो चुका है और अब नियमों के तहत इस पर चर्चा नहीं की जा सकती।
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विधान परिषद में 24 जनवरी को पारित निजी सदस्य प्रस्ताव पर शुक्रवार को नेशनल कांफ्रेंस के सदस्यों ने सदन में पहले हंगामा किया। चेयरमैन वेल तक पहुंचकर नारे लगाए और फिर प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया को साजिश करार देकर वाकआउट कर दिया। इसी मामले पर विधानसभा में भी नेकां ने विरोध जताया।
नेशनल कांफ्रेंस के डा. बशीर अहमद वीरी, शौकत गनेई, अली मोहम्मद डार, कैसर जमशेद लोन, डा. शहनाज गनेई और मास्टर नूर हुसेन ने पारित प्रस्ताव को खारिज किए जाने पर जोर दिया। एमएलसी डा. बशीर अहमद वीरी ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के सदस्य जब सदन में नहीं थे तब इस प्रस्ताव को पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में वर्ष 1931 में लोगों पर गोलियां चलाई गईं जिसकी याद में सरकारी स्तर पर शहीदी दिवस भी मनाया जाता है। ऐसा शासनकाल देने वाले महाराजा हरि सिंह के नाम पर अवकाश की घोषणा कैसे की जा सकती है। नेकां इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। हालांकि, भाजपा एमएलसी रमेश अरोड़ा ने प्वाइंट आफ आर्डर लेते हुए कहा कि निजी सदस्य प्रस्ताव विधान परिषद में पारित हो चुका है और अब नियमों के तहत इस पर चर्चा नहीं की जा सकती।
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अपने स्टैंड पर कायम हूं: देवेन्द्र राणा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा
- फोटो : AMAR UJALA
चेयरमैन हाजी अनायत अली ने भी नेकां सदस्यों से कहा कि पारित प्रस्ताव पर चर्चा की गुंजाइश ही नहीं है। विधानसभा में इंजीनियर रशीद ने नेकां से मामले पर स्टैंड स्पष्ट करने को कहा। नेकां विधायक मोहम्मद अकबर लोन ने कहा कि पारित प्रस्ताव से नेकां का कोई लेनादेना नहीं है। नेकां इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं है। हालांकि, नेकां विधायक देवेंद्र सिंह राणा प्रस्ताव के पक्ष में हैं। यह उनका व्यक्तिगत फैसला है।
नेशनल कांफ्रेंस के विधायक देवेन्द्र सिंह राणा ने कहा है कि वे अपने बयान पर कायम हैं जिसके तहत महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश का समर्थन किया था। महाराजा के जन्मदिन पर अवकाश घोषित करने की मांग जम्मू के लोगों की भावना से जुड़ा है। लिहाजा वे इस भावना का सम्मान करते हैं।
नेशनल कांफ्रेंस के विधायक देवेन्द्र सिंह राणा ने कहा है कि वे अपने बयान पर कायम हैं जिसके तहत महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश का समर्थन किया था। महाराजा के जन्मदिन पर अवकाश घोषित करने की मांग जम्मू के लोगों की भावना से जुड़ा है। लिहाजा वे इस भावना का सम्मान करते हैं।