केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने लिया अस्पतालों का जायजा
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बाढ़ के कारण घाटी के लगभग सभी अस्पतालों में पानी घुस जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं थीं। जिसके कारण घाटी के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन अभी भी इन सुविधाओं को पूर्ण रूप से बहाल नहीं किया गया है। सभी अस्पतालों में साफ-सफाई का काम जारी है।
घाटी के एकमात्र बच्चा अस्पताल जीबी पंत अस्पताल और हड्डियों के अस्पताल बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल ने ओपीडी सुविधाएं शुरू कर दी हैं, लेकिन अभी भी ललदद मातृत्व अस्पताल, श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल, जेवीसी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।
इसी के चलते स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन मंगलवार को कश्मीर पहुंचे। उन्होंने कहा कि घाटी में दवाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी।
घाटी में नहीं होगी दवाओं की कमी
उन्होंने जीबी पंत अस्पताल जाकर मरीजों और तीमारदारों से चिकित्सा सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को शीघ्र पूरी तरह से बहाल करना केंद्र की प्राथमिकता है।
उन्होंने बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल, ललदद मातृत्व अस्पताल, श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल का दौरा किया और वहां हो रहे कार्यों का जायजा लिया।
इस बीच केंद्रीय मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ताज मोहिउद्दीन ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अस्पतालों में उपकरणों और अन्य दूसरे ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। यह सभी शहर के प्रमुख अस्पताल हैं। जिसमें संभाग भर के मरीजों को उचित इलाज दिया जाता है।