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लद्दाख के विशेषाधिकार मामले में विशेष समिति के गठन पर सहमति, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री करेंगे अध्यक्षता
Thu, 07 Jan 2021 02:59 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 07 Jan 2021 02:59 PM IST
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जी किशन रेड्डी (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
लद्दाख को रोजगार, भूमि समेत अन्य मामलों में विशेषाधिकार देने के मामले को लेकर केंद्रीय समिति के गठन पर सहमति बन गई है। लद्दाख के प्रतिनिधिमंडल की बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात में चर्चा के दौरान यह फैसला किया गया। लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग की जा रही है। इसे लेकर लंबे समय से गतिरोध बना हुआ था। समिति गठन के फैसले के अनुसार केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी अध्यक्षता करेंगे, जबकि समिति में लद्दाख के प्रतिनिधियों, लेह और कारगिल स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों के अध्यक्ष भी शामिल किए जाएंगे।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व मंत्री शेरिंग दोरजे ने अमर उजाला को बताया कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी की अध्यक्षता में कमेटी बनाने पर सहमती बैठक के दौरान बन गई। गृह मंत्री अमित शाह ने सौहार्दपूूर्ण वातावरण में सभी मुद्दों पर चर्चा हुई है। शाह ने आश्वासन दिया कि केंद्र लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने को प्रतिबद्ध है।
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लद्दाख के प्रतिनिधियों को शामिल कर कमेटी बनाई जाएगी जोकि हर मुद्दे पर हितधारकों से चर्चा कर रिपोर्ट सौंपेगी। लद्दाख के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद थुपसान शेवांग, लेह परिषद के अध्यक्ष ताशी ग्यालसन, सांसद जाम्यांग सेरिंग नामग्याल, पूर्व मंत्री शेरिंग दोरजे, कोनचोक इशे, अंजुमन मोइन, डॉ. अब्दुल कयूम, अशरफ अली, देचन चामगा, शेतप चंबा, थिकसे खानपो और जिगमेत पलजोर भी शामिल रहे।
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कारगिल के नेता नहीं आए
गृह मंत्री अमित शाह से मिले प्रतिनिधिमंडल में केवल लेह के नेता ही शामिल रहे। कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने बैठक में शामिल होने से मना कर दिया था।