उधमपुर हमले का मास्टरमाइंड कासिम मारा गया
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जम्मू कश्मीर में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोइबा का चीफ और पाकिस्तान के भावलपुर का रहने वाला मोस्ट वांटेड आतंकी अब्दुल रहमान (30 वर्ष) उर्फ अबु क़ासिम को सुरक्षाबलों ने कुलगाम में एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान ढेर किया दिया।
अबू कासिम पर 20 लाख का इनाम था। कश्मीर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस सैयद जावेद मुज्तबा गिलानी ने बताया कि यह आतंकी जम्मू कश्मीर में पिछले 5 वर्षों से सक्रिय था और जम्मू कश्मीर में कईं बड़े हमलों के पीछे इसका ही हाथ था।
गिलानी ने बताया कि या तो अबु क़ासिम ने खुद इन हमलों को अंजाम दिया या फिर कईं हमलों में इसने मास्टरमाइंड का कार्य संभाला।
सब-इंस्पेक्टर की में हत्या शामिल था
गिलानी ने बताया कि हाल में इसके द्वारा दो बड़े हमलों को अंजाम दिया गया जिनमें जम्मू के उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हमला और जम्मू कश्मीर पुलिस के एनकाउंटर सेल के सब-इंस्पेक्टर की बांडीपुरा में हत्या शामिल था।
उन्होंने बताया कि वह राज्य में पिछले 3 वर्षों से लश्कर की बागडोर संभाल रहा था और कईं बड़े हमलों को भी अंजाम दे चुका था और उसका मारा जाना संगठन के लिए एक बहुत बड़ा धक्का है।
गिलानी के अनुसार उसके मारे जाने से घाटी में पनप रहे आतंकवाद को भी एक बहुत बड़ा धक्का पहुंचेगा क्योंकि न सिर्फ वह लश्कर की बागडोर संभाल रहा था बल्कि घाटी में अन्य आतंकी संगठनों के साथ तालमेल भी बनाए रखे हुए था विशेष तौर पर हिज़्बुल मुजाहिदीन के साथ।
शहीद अल्ताफ की मेहनत आज रंग लाई
कश्मीर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ने कहा कि इसके मारे जाने से आतंकवाद पर काफी प्रभाव पड़ेगा क्योंकि पिछले कुछ समय से घाटी में खासकर दक्षिणी कश्मीर में कईं आतंकी कमांडर मारे गए हैं और सरहद पार करते समय भी ज़्यादातर आतंकियों को भारतीय सीमा में दाखिल होने का मौका भी नहीं मिल पाया है।
अबु कासिम की बदलती मूवमेंट पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में गिलानी ने कहा कि हम पिछले काफी समय से उसकी मूवमेंट को ट्रैक कर रहे थे और वह पहले उत्तरी कश्मीर गया और अब कुछ दिन पहले दक्षिणी कश्मीर पहुंचा था।
अल्ताफ और पुलिस विभाग के अन्य मेहनती अफसरों की मेहनत के चलते हम अबु क़ासिम को मार गिराने की सफलता प्राप्त कर पाए हैं क्योंकि यह पिछले कईं वर्षों के दौरान इन अफसरों द्वारा जुटाई गई छोटी छोटी जानकारियों के कारण ही आज उसे मार गिरा गया है।
दो दिन से चल रहा था ऑपरेशन
वहीं इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी देते हुए आईजीपी गीलानी ने बताया कि पुलिस को कुलगाम ज़िले के खांडेपुरा इलाके में 2 के करीब आतंकियों के छुपे होने की जानकारी प्राप्त हुई थी।
जिसके तुरंत बाद बुधवार शाम करीब 5 बजे जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), सेना की 9 राष्ट्रिय राइफल्स (आरआर) और सीआरपीएफ की 18 बटालियन द्वारा इलाके में साझा अभियान शुरू किया था।
इलाके की पूरी तरह से घेराबंदी की और उनका जो मंसूबा था वो था कि वह सुबह सवेरे उस हाईडआउट पर धावा बोलेंगे जिसमें आतंकी छुपे हैं।
पाकिस्तान के मंसूबों को बड़ा झटका
सुबह के करीब 2 बजे क़ासिम और उसके एक साथी ने घेरा तोड़ने की कोशिश की और इस दौरान उन्होने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई और ग्रेनेड भी दागे लेकिन इस दौरान वहां मौजूद सतर्क जवानो ने क़ासिम को ढेर कर दिया।
जबकि दूसरा उसका साथी पीछे हट गया। गिलानी ने जानकारी दी कि अभी इलाके में ऑपरेशन जारी है और वहां अभी भी 1 से 2 आतंकियों के होने की उम्मीद है।
जम्मू कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी सईद जावेद मुज्तबा गिलानी ने इस ऑपरेशन को पिछले कई सालों में आतंकवाद के खिलाफ मुकाबला करने के मोर्चे पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि ठहराया है।
गौरतलब है कि राज्य में लश्कर-ए-तोयबा के मोस्ट वांटेड आतंकी की मौत हिजबुल मुजाहिदीन के सुप्रीमो सैयद सलाहुद्दीन द्वारा दिए गए बयान के कुछ दिनों के भीतर ही हो गई जिसमें उसने पुलिस और सेना द्वारा दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों की मौजूदगी और उनके मंसूबों आंदोलन के बारे में जानकारी प्राप्त करने का एक नया नेटवर्क विकसित करने का जिक्र किया था।
अबु कासिम द्वारा अंजाम दिए गए मुख्य हमले
24 जून, 2013 - अबु कासिम द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर श्रीनगर के हैदरपुरा इलाके में सेना की कानवाई पर हमला किया गया जो श्रीनगर-बारामुला राष्ट्रीय राजमार्ग पर से गुज़र रही थी। इस हमले में 8 सेना के जवान शहीद हुए जबकि 11 अन्य घायल हुए थे।
5 अगस्त, 2015 - एनआईए द्वारा जारी जांच के दौरान अबु कासिम को उधमपुर में बीएसएफ की कानवाई पर हुए हमले का मास्टरमाइंड ठहराया गया है जिसमें 2 जवान शहीद हुए थे। इस ऑपरेशन को अंजाम दे रहे आतंकी मोहम्मद नोमान को जवाबी कार्रवाई में ढेर किया गया था जबकि नावेद को ज़िंदा पकड़ा गया था।
7 अक्टूबर, 2015 - अबु कासिम और उसके साथियों ने जम्मू कश्मीर पुलिस के अव्वल दर्जे (नंबर 1) काउंटर इमरजेंसी पुलिस अफसर सब-इंस्पेक्टर अल्ताफ डार उर्फ अल्ताफ लैपटॉप को बांडीपुरा ज़िले के गुंड-ए-दछिन इलाके में गोली मार कर हत्या की। अल्ताफ क़ासिम की मूवमेंट ट्रैक करते हुए उसके खिलाफ एक विशेष मिशन पर थे।