शिव मंदिर वो भी 'उदासीन', पढ़े पूरी कहानी
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जम्मू मंदिरों के शहर के रूप में विख्यात है। शिव की
कनाल हेड के किनारे स्थित उदासीन शिव मंदिर व शिवधाम मंदिर में विशेष शिव पूजा की तैयारी है। हर साल की तरह यहां विशेष पूजा आरती चार चरणों में होगी।
बड़ी संख्या में यहां पर शिव भक्त रात की शिव पूजन अनुष्ठान में पहुंचते हैं। इस मंदिर के पास ही बसे मोहल्ला राजेंद्र नगर के कारोबारी कृष्णलाल गुप्ता बताते हैं कि वह यहां पर सुबह शाम शांति अर्जित करने भगवान के दर्शनों के लिए आते हैं।
भक्ति भाव से यहां पर श्रद्धालु यहां पर पहुंच कर महाशिवरात्रि की पूजा करते हैं, जिससे उन्हें परम सुख व शांति का आनंद अनुभव होता है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 शिवधाम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा करवाया गया तब से मंदिर में श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं।
90 साल पुराना है उदासीन शिव मंदिर
भगवान शंकर का यह मंदिर करीब 90 साल पुराना है। यहीं पर श्रीचंद्र जी की धूनी प्रतिदिन जगी रहती है। श्रीचंद्र उदासीन ट्रस्ट शिवधाम कनाल हेड जम्मू की ओर से इसे तैयार कराया गया।
उदासीनाचार्य भगवान श्रीचंद्र जी महाराज शिवधाम मंदिर के बारे में मंदिर के भक्त ने बताया कि श्रीचंद्र गुरुनानक देव के बेटे थे और उन्हें शंकर का रूप माना जाता है।
उन्हीं की गद्दी की चौथी पीढ़ी चल रही है। मंदिर के पुजारी का कहना है कि यहां पर बड़ी संख्या में सुबह शाम श्रद्धालु आते हैं। मंदिर में विशाल नर्मदेश्वर महादेव शिवलिंग स्थापित है।
मध्य में शिव पार्वती की सुंदर प्रतिमा है। शिव पार्वती परिवार के दाएं भाग में राधाकृष्ण की प्रतिमा सबको आकर्षित कर रही है, जबकि वाम भाग में लक्ष्मीनारायण की प्रतिमा प्रतिष्ठित हैं।