{"_id":"56f0e9fd4f1c1b9e36f14d25","slug":"two-new-transit-camp-for-amarnath-pilgrims","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अमरनाथ यात्रियों के लिए दो नए ट्रांजिट कैंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरनाथ यात्रियों के लिए दो नए ट्रांजिट कैंप
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:31 PM IST
सार
- अब हाईवे पर यातायात बाधित होने से उन्हें बसों और टेंटों में नहीं रुकना पड़ेगा।
- रामबन, उधमपुर और कश्मीर के कुछ जिलों में भी इसी तरह के कैंप बनाने के लिए जमीन देखी जा रही है।
विज्ञापन
अमरनाथ यात्रा
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देशभर से अमरनाथ यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। अब हाईवे पर यातायात बाधित होने से उन्हें बसों और टेंटों में नहीं रुकना पड़ेगा। राज्य के पर्यटन विभाग की ओर से यात्रियों के लिए सांबा और कठुआ जिलों में स्थायी ट्रांजिट कैंप स्थापित किए जा रहे हैं।
यहां यात्रियों के रहने की पूरी व्यवस्था होगी। आमतौर पर यात्रियों को जम्मू के भगवती नगर स्थित आधार शिविर में ठहराया जाता है, लेकिन, इन दो कैंपों के बनने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। रामबन, उधमपुर और कश्मीर के कुछ जिलों में भी इसी तरह के कैंप बनाने के लिए जमीन देखी जा रही है।
पर्यटन विभाग की ओर से कठुआ और सांबा जिलों में हाईवे के पास 20 कनाल भूमि पर कैंप स्थापित किए जा रहे हैं। इस साल यात्रा शुरू होने से पहले ये तैयार हो जाएंगे। हर एक कैंप में 400 से 500 के करीब यात्रियों को ठहराया जा सकेगा।
विज्ञापन
रहने और शौचालय की पूरी व्यवस्था होगी। यह कैंप बारिश होने, हाईवे पर कोई घटना होने या फिर कोई अन्य वारदात के कारण हाईवे बंद होने पर यह कैंप इस्तेमाल किए जाएंगे। एक कैंप पर ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन
यहां यात्रियों के रहने की पूरी व्यवस्था होगी। आमतौर पर यात्रियों को जम्मू के भगवती नगर स्थित आधार शिविर में ठहराया जाता है, लेकिन, इन दो कैंपों के बनने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। रामबन, उधमपुर और कश्मीर के कुछ जिलों में भी इसी तरह के कैंप बनाने के लिए जमीन देखी जा रही है।
विज्ञापन
पर्यटन विभाग की ओर से कठुआ और सांबा जिलों में हाईवे के पास 20 कनाल भूमि पर कैंप स्थापित किए जा रहे हैं। इस साल यात्रा शुरू होने से पहले ये तैयार हो जाएंगे। हर एक कैंप में 400 से 500 के करीब यात्रियों को ठहराया जा सकेगा।
विज्ञापन
रहने और शौचालय की पूरी व्यवस्था होगी। यह कैंप बारिश होने, हाईवे पर कोई घटना होने या फिर कोई अन्य वारदात के कारण हाईवे बंद होने पर यह कैंप इस्तेमाल किए जाएंगे। एक कैंप पर ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे।
उधमपुर और कश्मीर के कुछ जिलों में भी ऐसे कैंप बनाने की योजना
अमरनाथ यात्रा
- फोटो : PTI
हर एक कैंप में 400 से 500 के करीब यात्रियों को ठहराया जा सकेगा। रहने और शौचालय की पूरी व्यवस्था होगी। यह कैंप बारिश होने, हाईवे पर कोई घटना होने या फिर कोई अन्य वारदात के कारण हाईवे बंद होने पर यह कैंप इस्तेमाल किए जाएंगे। एक कैंप पर ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे।
आमतौर पर यात्रियों को हर हाल में लखनपुर से जम्मू के आधार शिविर तक पहुंचना पड़ता है, क्योंकि यात्रियों को ठहराने की लखनपुर से जम्मू के बीच कोई व्यवस्था नहीं है। यात्रियों को कभी टेंट तो कभी बस में रात गुजारनी पड़ती है, लेकिन अब उनको कैंप में सुविधा मिलेगी।
पिछले कुछ वर्षों से सांबा और कठुआ जिलों में आतंकी हमले भी हुए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यात्रियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि किसी भी कीमत पर यात्री दरबदर न हों। इन कैंपों में यात्रियों के रुकने पर सुरक्षा भी कड़ी रहेगी।
पर्यटन विभाग के निदेशक आरके वर्मा का कहना है कि जल्द ही यह कैंप तैयार हो जाएंगे। अब तक कठुआ के ट्रांजिट कैंप में शेड, शौचालय, चारदीवारी और बिजली प्रबंध किया गया है। अब जो राशि मंजूर हुई है उसे टाइलें लगवाने के साथ साथ साफ-सफाई के प्रबंध किए जाएंगे।
आमतौर पर यात्रियों को हर हाल में लखनपुर से जम्मू के आधार शिविर तक पहुंचना पड़ता है, क्योंकि यात्रियों को ठहराने की लखनपुर से जम्मू के बीच कोई व्यवस्था नहीं है। यात्रियों को कभी टेंट तो कभी बस में रात गुजारनी पड़ती है, लेकिन अब उनको कैंप में सुविधा मिलेगी।
पिछले कुछ वर्षों से सांबा और कठुआ जिलों में आतंकी हमले भी हुए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यात्रियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि किसी भी कीमत पर यात्री दरबदर न हों। इन कैंपों में यात्रियों के रुकने पर सुरक्षा भी कड़ी रहेगी।
पर्यटन विभाग के निदेशक आरके वर्मा का कहना है कि जल्द ही यह कैंप तैयार हो जाएंगे। अब तक कठुआ के ट्रांजिट कैंप में शेड, शौचालय, चारदीवारी और बिजली प्रबंध किया गया है। अब जो राशि मंजूर हुई है उसे टाइलें लगवाने के साथ साथ साफ-सफाई के प्रबंध किए जाएंगे।