जम्मू-कश्मीरः दो लश्कर आतंकी और एक ओजीडब्ल्यू गिरफ्तार
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दक्षिणी कश्मीर में सुरक्षा बलों को लश्कर के दो आतंकियों तथा एक ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार करने में सफलता हाथ लगी है। इनके पास से हथियार भी बरामद हुए हैं। दोनों हथियार लूट की घटना में शामिल थे। ओजीडब्ल्यू ने कुलगाम में पुलिस वाहन पर ग्रेनेड हमले के लिए आतंकियों की मदद की थी।
आतंकियों के पकड़े जाने का खुलासा करते हुए आईजी मुनीर खान ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि दक्षिणी कश्मीर में सुरक्षाबलों के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। तीन दिनों के भीतर सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों और एक ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आतंकियों की शिनाख्त सुपट काजीगुंड के खुर्शीद अहमद डार और हाजिक राथर, जबकि ओजीडब्ल्यू की शिनाख्त मोहनपोरा के रमीज इट्टू के तौर पर हुई है।
खुर्शीद और हाजिक लश्कर के आतंकी हैं। दोनों ने 14 अक्तूबर को काजीगुंड के कुंड इलाके में हथियार छीनने की घटना को अंजाम देने की कोशिश की और मौके पर हवाई फायरिंग कर फरार हो गए। पुलिस, सेना और सीआरपीएफ द्वारा एक नाके के दौरान दोनों आतंकियों को धर दबोचा गया, जो मोटरसाइकिल पर सवार थे। इन दोनों के पास से एक पिस्टल, गोलियां और एक ग्रेनेड भी बरामद हुआ।
आईजी के अनुसार गत शनिवार को कुलगाम जिले के डीएच पोरा में पीडीपी नेता के काफिले के बाद वहां से गुजर रही पुलिस की गाड़ी पर दागे गए ग्रेनेड मामले में एक ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया गया है। हमले में एक पुलिस कर्मी शहीद हुआ था। ओजीडब्ल्यू रमीज इट्टू जो कि एक मेडिकल एजेंसी में काम करता है, ने हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की मदद की थी। उसके घर से भी हथियार बरामद हुए हैं।
दो बैंक लूटने वाले हिज्ब आतंकियों की हुई पहचान
आईजी ने बताया कि 12 और 13 अक्तूबर को मरहामा बिजबिहाड़ा और रतनीपोरा शोपियां में जेएंडके बैंक लूट की दो घटनाओं को अंजाम दिया था। आतंकी संगठन हिजबुल ने इन घटनाओं से पल्ला झाड़ा था, लेकिन इन दोनों घटनाओं को हिज्ब के आतंकियों ने ही अंजाम दिया है, जिनकी पहचान हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार मरहामा में 5,41,789 रुपयों की लूट हुई थी, जिसको नौकदल त्राल के रसिक नबी भट उर्फ ओवाईसी और आरमपोरा त्राल के सलिया मोहम्मद अखून उर्फ रेहान ने अंजाम दिया था। रतनीपोरा में 1.98 लाख रुपयों की हुई लूट के पीछे मोहम्मद आबिद भट, इशफाक ठोकर और जुबैर तुर्रे का हाथ है।