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Jammu Kashmir: जम्मू और श्रीनगर में तैयार होंगे दो एयरपोर्ट टर्मिनल, 23 सौ करोड़ रुपये आएगी लागत

Tue, 11 Oct 2022 03:36 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 11 Oct 2022 03:36 PM IST
सार

नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की प्रगति और समृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है। नागर विमानन द्वारा इसे पूरा करने के लिए जम्मू व श्रीनगर में एयरपोर्ट टर्मिनल बनाए जा रहे हैं। श्रीनगर में हेली समिट का आयोजन कर हेलिकॉप्टर सेवाओं के क्षेत्र में विस्तार की एक नई शुरुआत हुई है। 

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Two airport terminals will be ready in Jammu and Srinagar, will cost Rs 23 hundred crore
श्रीनगर में हेली समिट का शुभारंभ करते केंद्रीय मंत्री सिधिया और एलजी - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू और श्रीनगर में दो एयरपोर्ट टर्मिनल 23 सौ करोड़ की लागत से बनेंगे। इनमें जम्मू में 861 करोड़ की लागत से सिविल एनक्लेव (हवाई अड्डा) और 1500 करोड़ की लागत से श्रीनगर के टर्मिनल भवन का विस्तारीकरण किया जाएगा। यह घोषणा नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को की।

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वे श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में चौथे हेली समिट में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की प्रगति और समृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है। नागर विमानन द्वारा इसे पूरा करने के लिए जम्मू व श्रीनगर में एयरपोर्ट टर्मिनल बनाए जा रहे हैं।
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आज जम्मू-कश्मीर एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना है। श्रीनगर में हेली समिट का आयोजन कर हेलिकॉप्टर सेवाओं के क्षेत्र में विस्तार की एक नई शुरुआत हुई है। हेली पॉलिसी एवं आपातकालीन चिकित्सा में हेलिकॉप्टर के उपयोग के कार्य शुरू किए जा चुके हैं।
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प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास विशेषत: पर्यटन के क्षेत्र में नए शिखर की ओर बढ़ते जम्मू-कश्मीर के लिए नागर विमानन की वृद्धि अति महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर जितना खूबसूरत है, उतनी तेजी से विकसित भी हो रहा है।

प्रदेश में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। पहले विभिन्न रैंकिंग में जम्मू-कश्मीर का नाम नीचे से आता था, लेकिन अब ऊपर की रैंकिंग में प्रदेश का नाम आ रहा है। यह बदलाव प्रदेश में आया है। यात्रियों और कार्गो के लिए सार्वजनिक परिवहन के साधन के रूप में हेली सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर में कई ऐसे स्थान हैं जहां सालों भर भारी संख्या में पर्यटकों की आमद बनी रहती है। हेली पर्यटन बाजार को इन स्थानों पर बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं। हम हेली ऑपरेशन को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं देने को प्रतिबद्ध है।

आह्वान किया कि विमानन कंपनियों के कप्तान बदलाव की इस यात्रा में साझेदार बनें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वस्त किया है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के नवनिर्माण में हर संभव सहायता देगा।

आधारभूत संरचनाओं, सभी गांवों में रोड कनेक्टिविटी, आवास, ग्रामीण विद्युतीकरण और उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग आधुनिक समाज की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। राष्ट्रीय मास्टर प्लान गति शक्ति आधारभूत संरचनाओं से जुड़ी योजनाओं को पूरा करने में रास्ता प्रशस्त कर रही है।

विमानन सेक्टर यात्रियों की अप्रत्याशित बढ़ोतरी का साक्षी बना है। इसके साथ ही उड़े देश का आम नागरिक के  तहत लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए फ्लाइट की संख्या में बढ़ोतरी हुई है ताकि क्षेत्रीय वायु संपर्क बना रहे। 

जम्मू में विमानन सेक्टर पुनर्जीवित

उप राज्यपाल ने कहा कि जम्मू में विमानन सेक्टर को पुनर्जीवित करने में एयर फ्यूल पर वैट 26.5 फीसदी से घटाकर एक फीसदी और लोड पैनल्टी हटाना महत्वपूर्ण रहा है। लोगों को दिल्ली और अन्य स्थानों के लिए जाने को बेहतर सुविधाएं मिली हैं।

श्रीनगर एयरपोर्ट ने विमानों की संख्या के हिसाब से रिकॉर्ड बनाया है। पहले रोजाना 20-25 फ्लाइट थी जो एक साल के भीतर बढ़कर 80-100 हो गई है। कहा कि समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है।

पिछले तीन सालों में इसमें कई उपलब्धियां हासिल हुई हैं। आधारभूत ढांचे में अभूतपूर्व प्रगति ने जम्मू-कश्मीर को अपनी क्षमताओं के पूर्ण उपयोग का अवसर प्रदान किया है। पर्यटन के क्षेत्र में जबर्दस्त विकास हुआ है।

75 ऑफबीट स्थलों को विकसित किया जा रहा है जिससे आम नागरिकों को अपनी ऊर्जा तथा प्रतिभा उपयोग का मौका मिलेगा। समन्वित विकास से आत्म निर्भर जम्मू-कश्मीर का सपना साकार होगा।

आज बढ़ती अर्थव्यवस्था, कृषि व संबंधित क्षेत्र के लिए बाजार का विस्तार और उद्योगों का आधार बढ़ाकर जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को देश की मुख्यधारा में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। 

हिमालयी राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देना उद्देश्य

समिट का उद्देश्य देश में विश्व स्तरीय हेलिकॉप्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। हिमालयी राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यटन स्थलों को बिना बाधा हेली सुविधाएं उपलब्ध कराना, हेलिकॉप्टर आधारित आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना और उद्योगों के विकास में हेलिकॉप्टर की भूमिका को बढ़ावा देना है।



कार्यक्रम में नागरिक विमानन मंत्रालय के सचिव राजीव बंसल व अतिरिक्त सचिव उषा पाधे, एयर बस इंडिया के महा प्रबंधक रेमी मेलॉर्ड, प्रमुख सचिव नागरिक विमानन विभाग आलोक कुमार और विभिन्न हेली कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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