बीस हजार ग्रामीण शिविरों में पहुंचे, अस्पताल अलर्ट
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पाकिस्तान की ओर से पिछले चार दिनों से गोलाबारी करने के कारण सीमावर्ती क्षेत्र के बीस हजार से अधिक ग्रामीणों को शिविरों में रहना पड़ रहा है। प्रशासन ने उनके लिए सरकारी स्कूलों और सुरक्षित स्थानों पर रहने की व्यवस्था की है।
मनोज कुमार का कहना है कि पहले प्रशासन की ओर से 27 गांव के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का प्रबंध किया गया था, लेकिन पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी करने के बाद 40 से अधिक गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का प्रबंध किया गया है।
इनकी संख्या बीस हजार से अधिक है। शिविरों में लोगों को खाना मुहैया करवाने के साथ बिजली-पानी सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।
कई स्कूल में रहने का इंतजाम
आरएस पुरा सेक्टर से खाली हुए गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान देने के लिए कठुआ जिले के स्कूलों को भी चुना गया है। सीमा से दूर गांवों के स्कूलों को इसके लिए चुना गया है।
सोमवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से विभिन्न जोनल अधिकारियों को स्कूलों को पलायन किए हुए लोगों को रखने की व्यवस्था करने की तैयारी में रहने के लिए कह दिया गया है।
शेरपुर हाई स्कूल के शिक्षक ने बताया कि सुबह ही खंड शिक्षा योजना अधिकारी ने फोन पर उन्हें कहा कि पलायन किए हुए लोग स्कूल में लाए जा सकते हैं इसलिए स्कूल प्रशासन उन्हें स्थान मुहैया करवाने की तैयारी में रहे।
उन्होंने बताया कि अन्य जोन में भी ऐसे ही संदेश पहुंचा दिए गए हैं। वहीं मुख्य शिक्षा अधिकारी ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें स्कूलों में स्थान रखने के लिए आदेश आया है।
इसके मद्देनजर ही स्कूल हेडमास्टरों को स्थान रखने के लिए कहा गया है। उनसे कहा है कि अगर लोग आते हैं तो उन्हें सुरक्षित और साफ कमरों में ठहराया जाएगा।
पाक फायरिंग से अस्पताल अलर्ट
सीमा पार से लगातार हो रही पाक गोलाबारी को देखते हुए शहरी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। गोलाबारी के दौरान बड़ी घटना की सूरत में रेड अलर्ट घोषित करके डिजास्टर प्लान सक्रिय किया जाएगा।
फिलहाल सभी प्रमुख अस्पतालों की इमरजेंसी को मजबूत बनाया गया है। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग दोनों के अस्पतालों में इमरजेंसी में अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। अभी तक पाक गोलाबारी से अधिकांश घायलों को जीएमसी भर्ती कराया गया है।
अस्पताल के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार इमरजेंसी में विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार डिजास्टर प्लान सक्रिय करने पर अतिरिक्त बेड और दवाइयों का इंतजाम किया जाएगा।
पाक गोलाबारी से लगातार प्रभावित हो रहे आरएस पुरा सेक्टर के साथ अखनूर सेक्टर में स्थापित चिकित्सा केंद्रों की इमरजेंसी को मजबूत बनाया गया है। जीएमसी में ऐसे मरीजों के लिए रिकवरी वार्ड खोला गया है।