त्रिलोचन सिंह हत्याकांड: सुरिंदर सिंह उर्फ काला को पुलिस ने हिरासत में लिया, पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया
टीएस वजीर हत्याकांड मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने नरवाल मंडी के अध्यक्ष सुरिंदर सिंह उर्फ काला को हिरासत में लिया है। पूछताछ के लिए उन्हें दिल्ली ले जाया गया है।
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पूर्व एमएलसी त्रिलोचन सिंह वजीर हत्याकांड मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने नरवाल मंडी के अध्यक्ष सुरिंदर सिंह उर्फ काला को हिरासत में लिया है। पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के हवाले से 'क्राइम ब्रांच सेल की पांच सदस्यीय टीम आज सुबह जम्मू पहुंची। जिसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना देकर काला को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई।'
इस मामले में जम्मू निवासी हरमीत सिंह ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए थे। उसने बताया था कि हरप्रीत ने उसे त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या करने के लिए उकसाया था। उसके त्रिलोचन वजीर से मतभेद थे, जिनका हरप्रीत ने फायदा उठाया। हरमीत ने पूछताछ में बताया कि तीन सितंबर को दिन में हरप्रीत होटल के कमरे में आया और उससे कहा कि वजीर उसके बेटे को खत्म करने की साजिश रच रहा है। शाम को फिर से हरप्रीत होटल के कमरे में आया, उसे बार-बार इस बात के लिए उकसाया कि उसके पूरे परिवार को टीएस वजीर खत्म कर देगा।
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वह वजीर को मार देगा तो उसका परिवार बच जाएगा। अभी मौका है नहीं तो टीएस वजीर कनाडा चला जाएगा। हरप्रीत उसे उकसाता रहा। हरप्रीत उसे अपने फ्लैट में ले गया और उसे छिपा दिया। यहां पर हरमीत ने टीएस वजीर को सोते हुए गोली मार दी। गोली मारने के बाद वह फ्लैट से चला गया।
बदबू आने के बावजूद शव के साथ कई दिन रहे थे आरोपी
त्रिलोचन सिंह के शव से बदबू आने के बावजूद आरोपी कई दिन तक उसके साथ रहे। आरोपियों ने हत्या वाले दिन पार्टी की थी। मुख्य आरोपी हरमीत ने तीन सितंबर को रात 7 से 8 बजे के बीच त्रिलोचन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय घर में हरप्रीत, बलवीर सिंह उर्फ बिल्ला और राजेंद्र चौधरी उर्फ राजू थे। राजू और बिल्ला 4 सितंबर की सुबह बस से अपने घर जम्मू चले गए थे। 5 सितंबर को त्रिलोचन सिंह के शव से बदबू आने लगी तो आरोपियों ने घर में धूपबत्ती व अगरबत्ती जलाना शुरू कर दिया। इन्होंने शव को चादर में लपेटकर बाथरूम में डाल दिया। बदबू रोकने के लिए एसी चला दिया। हरप्रीत 5 सितंबर को जम्मू चला गया। हरमीत शव के साथ रहा। हरप्रीत 7 सितंबर को वापस दिल्ली आ गया तो हरमीत जम्मू चला गया। हरमीत 8 सितंबर को वापस दिल्ली लौटा।