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Jammu News: लांस नायक गुलाम मोहम्मद खान को श्रद्धांजलि
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लांस नायक गुलाम मोहम्मद खान को श्रद्धांजलि देते अधिकारी। स्रोत सेना
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कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर, भारतीय सेना ने कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से, 12वीं जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के वीर सैनिक और बारामूला निवासी लांस नायक गुलाम मोहम्मद खान, वीर चक्र (मरणोपरांत) को श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह कार्यक्रम भारतीय सेना के जवानों द्वारा आयोजित किया गया था, जिसके दौरान उनके परिवार को उनके सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में एक स्मृति चिह्न और कृतज्ञता पत्र प्रदान किया गया।
सेना के अनुसार 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान, 12वीं जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री को बटालिक सेक्टर में तैनात किया गया था। 7 जून 1999 को, अल्फा कंपनी के एक महत्वपूर्ण सदस्य, लांस नायक गुलाम मोहम्मद खान ने प्वाइंट 5203 पर एक भीषण हमले में भाग लिया। सुबह 4:30 बजे, उन्होंने लगभग 20 दुश्मन कर्मियों को अपनी ओर बढ़ते देखा और अपने रॉकेट लॉन्चर से तीन को तुरंत मार गिराया।
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जब दुश्मन ने जवाबी कार्रवाई की और उनके आठ साथी मारे गए, तब भी वे डटे रहे। अंततः कई गोलियों के घावों के कारण वे वीरगति को प्राप्त हुए। उनके साहस, नेतृत्व और बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
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यह कार्यक्रम भारतीय सेना के जवानों द्वारा आयोजित किया गया था, जिसके दौरान उनके परिवार को उनके सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में एक स्मृति चिह्न और कृतज्ञता पत्र प्रदान किया गया।
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सेना के अनुसार 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान, 12वीं जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री को बटालिक सेक्टर में तैनात किया गया था। 7 जून 1999 को, अल्फा कंपनी के एक महत्वपूर्ण सदस्य, लांस नायक गुलाम मोहम्मद खान ने प्वाइंट 5203 पर एक भीषण हमले में भाग लिया। सुबह 4:30 बजे, उन्होंने लगभग 20 दुश्मन कर्मियों को अपनी ओर बढ़ते देखा और अपने रॉकेट लॉन्चर से तीन को तुरंत मार गिराया।
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जब दुश्मन ने जवाबी कार्रवाई की और उनके आठ साथी मारे गए, तब भी वे डटे रहे। अंततः कई गोलियों के घावों के कारण वे वीरगति को प्राप्त हुए। उनके साहस, नेतृत्व और बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।