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जम्मू-कश्मीर: घाटी में आने लगे पर्यटक, हाउस बोट और शिकारा मालिकों को राहत की उम्मीद
Mon, 08 Nov 2021 12:21 AM IST
विमल शर्मा
एएनआई, श्रीनगर
एएनआई, श्रीनगर
Published by: विमल शर्मा
Updated Mon, 08 Nov 2021 12:21 AM IST
सार
मशहूर डल और नगीन झील के हाउस बोट और शिकारा मालिक पिछले कुछ वर्षों से सबसे ज्यादा आर्थिक संकट के शिकार हुए हैं। अब सर्दियों का मौसम शुरू होने के साथ पर्यटक भी आने लगे हैं। इससे स्थानीय कारोबारियों को राहत की उम्मीद है।
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Floating Vegetable Market Dal Lake
- फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
जम्मू कश्मीर के मश्हूर डल और नगीन झील के हाउस बोट और शिकारा मालिक पिछले कुछ वर्षों से सबसे ज्यादा आर्थिक संकट के शिकार हुए हैं। कोरोना महामारी, आतंकवाद, अनुच्छेद 370 और हाल ही में गैर प्रांतीय लोगों की हत्याओं ने पर्यटन व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब सर्दियों का मौसम शुरू होने के साथ पर्यटक भी आने लगं हैं। इससे हाउस बोट और शिकारा मालिकों को उम्मीद है कि उनके नुकसान की कुछ भरपाई हो सकेगी।
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शिकारा और बोट मालिकों की एक समस्या यह भी है कि बाढ़ और आग की दुर्घटनाओं के कारण कई हाउसबोट क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुछ हाउसबोट डूब गई हैं। वर्तमान में दोनों प्रसिद्ध झीलों डल और नगीन झील में 928 हाउसबोट उपलब्ध हैं। एक शिकारा के मालिक मोहम्मद रफीक बताते हैं कि कोरोना की वजह से हालात और खराब हो गए थे, लेकिन अब पर्यटक आ रहे हैं और हम हाउसबोट की मरम्मत भी करवा रहे हैं।
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सरकार ने कुछ मदद की है। एक अन्य हाउसबोट के मालिक तारिक अहमद ने कहा, यहां 1200 नावों का पंजीकरण किया गया था। लेकिन 1989 में धीरे-धीरे हालत बिगड़ने लगी। हम अभी भी पीड़ित हैं।
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झीलों में सीवेज बढ़ा रहा समस्या
स्वच्छता के मुद्दे पर मुंबई की एक पर्यटक डॉक्टर भाग्यश्री ने कहा, बोट पर स्वच्छता महत्वपूर्ण है। महामारी के बाद यह और भी महत्वपूर्ण हो गया है। आस-पास के क्षेत्रों का सीवेज झील में बहा दिया जाता है जो एक और समस्या पैदा करता है।