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लश्कर की शह पर जलाए जा रहे हैं घाटी के स्कूल, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच

Tue, 01 Nov 2016 08:52 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 01 Nov 2016 08:52 PM IST
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torching of schools in valley are on the instruction of lashkar e taiba
कश्मीर में जलाया गया एक स्कूल - फोटो : File Photo

कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा की शह पर स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है। उपद्रवियों के गुट सरकारी भवनों को भी आग के हवाले कर रहे हैं। लेकिन, सबसे अधिक नुकसान स्कूलों को पहुंचाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्कूलों को आग के हवाले किए जाने के मामले में तहरीक-ए हुर्रियत नामक नए संगठन की पहचान की है।

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इसमें लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के ओवर ग्राउंड वर्कर शामिल हैं। कश्मीर में सामान्य हो रहे हालात से आतंकी संगठन बौखला गए हैं। स्कूलों में पढ़ाई सामान्य तरीके से शुरू हो जाने पर अलगाववादियों की अपील और आतंकियों की साजिश बेअसर हो रही है। लिहाजा, स्कूल भवनों को राख कर आतंक का माहौल बनाने की कोशिश हो रही है।
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अब तक दो दर्जन से अधिक स्कूल आगजनी की भेंट चढ़ चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को स्कूलों में पठन-पाठन शुरू करने के लिए तुंरत पहल करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद से स्कूलों पर हमले और बढ़ गए हैं।लश्कर ने स्कूलों को खोलने की कोशिश पर शिक्षा मंत्री नईम अख्तर को धमकी भी दी थी। लश्कर अब नए नाम का नकाब ओढ़कर स्कूलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटा है। 

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रिहा हो सकते हैं कुछ और अलगाववादी

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गृह मंत्रालय ने दिया जवाब - फोटो : File Photo

सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार अमन बहाली के लिए अलगाववादियों को कुछ और रियायतें दी जा सकती हैं, लेकिन, तहरीक-ए -हुर्रियत जैसे उपद्रवी संगठनों पर शिकंजा और कसेगा। हुर्रियत के उदारवादी धड़े के मीरवाइज उमर फारूक और जेकेएलएफ के यासिन मलिक की रिहाई के बाद अब शब्बीर शाह की रिहाई संभव है।

रियासत सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से विचार-विमर्श के बाद अलगाववादियों की रिहाई के लिए सूची तैयार की है। कश्मीर अशांति के तहत लगभग 300 लोगों पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट(पीएसए) के तहत कार्रवाई की गई है। अब इनमें से कुछ लोगों से पीएसए हटाने पर विचार हो रहा है। लगभग 4500 उपद्रवी गिरफ्तार हुए थे।

इनमें से अधिकांश जमानत पर छोडे़ जा चुके हैं। वर्तमान में 900 लोग गिरफ्तार हैं। स्थिति सामान्य बनाने के लिए पत्थरबाजी के आरोप में गिरफ्तार युवाओं को रिहा करने के प्रस्ताव पर भी विचार हो रहा है। 

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