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Jammu News: टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से की मुलाकात
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श्रीनगर। पाकिस्तान की ओर से हाल ही में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास हुई गोलाबारी से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से उनके गुपकार स्थित आवास पर मुलाकात की।
मुलाकात के बाद, टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह यात्रा एकजुटता और सहानुभूति जताने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा, सीमावर्ती गांवों को गोलाबारी से सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। कई लोगों की जान गई है और उनकी आजीविका भी खत्म हो गई है, लेकिन इनकी तकलीफों को मुख्यधारा की मीडिया में जगह नहीं मिल रही है।
सागरिका घोष ने आगे कहा, हम पुंछ, राजौरी और नियंत्रण रेखा के पास बसे गांवों के लोगों को यह बताने आए हैं कि वे अकेले नहीं हैं। हम उनके साथ हैं और उनकी मदद के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उनकी समस्याओं को मीडिया और सरकार के सामने उठाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि यह दौरा समावेशी भारत की भावना को दर्शाता है, जहाँ हर नागरिक की जरूरतों को महत्व दिया जाता है। घोष ने कहा कि सीमावर्ती गांवों को राहत, पुनर्वास और ध्यान मिलना चाहिए, जिसके वे हकदार हैं। प्रतिनिधिमंडल के नियंत्रण रेखा के पास के इलाकों का दौरा करने की भी योजना है ताकि वहां के हालात को करीब से देखा जा सके।
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मुलाकात के बाद, टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह यात्रा एकजुटता और सहानुभूति जताने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा, सीमावर्ती गांवों को गोलाबारी से सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। कई लोगों की जान गई है और उनकी आजीविका भी खत्म हो गई है, लेकिन इनकी तकलीफों को मुख्यधारा की मीडिया में जगह नहीं मिल रही है।
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सागरिका घोष ने आगे कहा, हम पुंछ, राजौरी और नियंत्रण रेखा के पास बसे गांवों के लोगों को यह बताने आए हैं कि वे अकेले नहीं हैं। हम उनके साथ हैं और उनकी मदद के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उनकी समस्याओं को मीडिया और सरकार के सामने उठाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि यह दौरा समावेशी भारत की भावना को दर्शाता है, जहाँ हर नागरिक की जरूरतों को महत्व दिया जाता है। घोष ने कहा कि सीमावर्ती गांवों को राहत, पुनर्वास और ध्यान मिलना चाहिए, जिसके वे हकदार हैं। प्रतिनिधिमंडल के नियंत्रण रेखा के पास के इलाकों का दौरा करने की भी योजना है ताकि वहां के हालात को करीब से देखा जा सके।