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गैर सरकारी संस्थाओं की मनमर्जी पर कसा शिकंजा
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Sat, 20 Sep 2014 01:32 AM IST
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बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से राहत सामग्री भेजी जा रही है। जिन क्षेत्रों में इसकी आवश्यकता है, वहां नहीं पहुंच पा रही। जिला प्रशासन चाहता है कि राहत सामग्री उन लोगों तक पहुंचे, जिनको इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
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इसलिए जिला उपायुक्त ने एक आदेश जारी कर कहा है कि कोई भी गैर सरकारी संस्था राहत सामग्री भेजने से पहले उपायुक्त को सूचित करेंगी ताकि तय किया जाए कि कहां पर इसको भेजना है। उल्लेखनीय है कि गैर सरकारी संस्थाएं राजोरी जिले के कई क्षेत्रों से चंदा एकत्र कर और राहत सामग्री जुटा कर राजोरी के प्रभावित इलाकों की जगह कश्मीर भेज रही हैं।
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इसके अलावा राजोरी के भी कई इलाकों में राहत सामग्री भेजी जा रही है, लेकिन यहां पर इसकी कम आवश्यकता है। उपायुक्त के पास कई लोग शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं कि उनके पास कोई सामग्री नहीं पहुंच रही। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि सामग्री सरपंचों के पास पहुंच रही है जो सिर्फ अपने जान पहचान और सगे संबंधियों को ही दे रहे हैं।
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संस्थाएं प्रशासन को बिना सूचित किए भी सामग्री भेज रही हैं। इसकी वजह से यह सही लोगों तक नहीं पहुंच रही। इसलिए प्रशासन ने एक आदेश जारी कर कहा है कि कोई भी गैर सरकारी संस्था कहीं पर भी अगर कोई राहत सामग्री भेजेगी तो पहले प्रशासन को सूचित करेगी।
उधर, जिले के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग अब भी मदद का इंतजार कर रहे हैं। कंडी, बकोरी, बुद्धल, दरहाल और थन्नामंडी के ऊपरी इलाकों में रहने वाले लोगों के घर बारिश की वजह से टूट गए हैं, यह लोग खुले आसमान के नीचे अपना वक्त गुजार रहे हैं।