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Jammu: 25 दिनों के भीतर JCET के तीन छात्रों ने की खुदकुशी, पुलिस कर रही जांच
Fri, 21 Oct 2022 04:26 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 21 Oct 2022 04:26 PM IST
सार
जीसीईटी जम्मू के तीन छात्रों ने 25 दिनों के भीतर अपने घर में आत्महत्या कर ली। इस घटना से उक्त छात्रों के साथियों सहित परिवार के सदस्य और रिश्तेदार स्तब्ध हैं।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : social media
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विस्तार
गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियररिंग एंड टेक्नॉलोजी(जीसीईटी) जम्मू के तीन छात्रों ने 25 दिनों के भीतर अपने घर में आत्महत्या कर ली। इस घटना से उक्त छात्रों के साथियों सहित परिवार के सदस्य और रिश्तेदार स्तब्ध हैं। मामले में छात्र संगठन आत्महत्या का मूल कारण परीक्षा का तनाव बता रहे हैं।
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एनएसयूआई के राज्य सचिव अंकुश, राज्य प्रमुख सचिव निपुन गांधी, सचिव प्रवाज, यूथ कांग्रेस के मीडिया प्रभारी चौधरी इरशाद, कॉलेज इकाई को अध्यक्ष विशाल सूदन और राज्य सचिव सन्नी परिहार ने बताया कि आत्महत्या करने वाले छात्रों में छठे सेमेस्टर की छात्रा मान्यता शर्मा, छठे सेमेस्टर के छात्र शलीन भट और चौथे सेमेस्टर के छात्र महम्म समीर हैं। एनएसयूआई के पदाधिकारियों के अनुसार उन्होंने कुछ पीड़ित परिवारों और दोस्तों से भी मुलाकात की है।
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उन्होंने आत्महत्या का कारण परीक्षाएं नजदीक होना बताया है। पदाधिकारियों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने छह महीने का सत्र तीन महीने में पूरा कर लिया है। जुलाई में उनका ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण चल रहा था। अगस्त, सितंबर में ही उनकी पढ़ाई हुई है। अक्तूबर में परीक्षाएं ली गई हैं। छात्रों को पढ़ाई करने के लिए पूरा समय नहीं मिल पाया है, जबकि एनएसयूआई इकाई ने कॉलेज प्रशासन से पाठ्यक्रम कम करने की मांग की थी। लेकिन इसकी बजाय डेटशीट को पंद्रह दिन आगे बढ़ाकर उन्हें तैयारी करने का मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि कॉलेज में अनुबंधित आधार पर स्टाफ नियुक्त किया गया है। छात्रों के लिए पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था नहीं है। निर्धारित समय से पहले ही परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी जाती है। इसी दबाव में आकर छात्र छात्र खुदकुशी करने को मजबूर हो जाते हैं।
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मूलभूत सुविधाओं से छात्र महरूम
एनएसयूआई इकाई के पदाधिकारियों का कहना है कि छात्र मूल सुविधाओं सो महरूम हैं। कॉलेज परिसर में छात्रों के बेहतर सुविधाएं नहीं हैं। खेल मैदान, पार्किंग, वई फाई कनेक्टिविटी भी नहीं है। हॉस्टल और शौचालय भी खस्ता हाल पड़े हैं। जबकि, पुस्तकालय और खाने -पीने की उचित सुविधा है। आरोप है कि कई सालों से छात्रों को न राष्ट्रीय और न ही राज्य स्तर का भ्रमण करवाया जा रहा है। हलांकि, कॉलेज में भ्रमण का प्रावधान भी है। लेकिन छात्रों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। संतुलित पर्यावरण न होने से छात्र परेशान हैं।
छात्रों के अभिभावक क्या कहते हैं
छात्र शलीन भट के पिता ने कहा कि उसने क्यों आत्महत्या की है। इस कारण का कोई पता नहीं फिलहाल। पुलिस तहकीकात कर रही है। वहीं समीर के पिता ने कहा कि उनके बेटे ने कभी भी व्यक्तिगत समस्या नहीं बताई। अचानक आत्महत्या कर ली। बेटे की क्या मानसिकता थी। इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
क्या कहते हैं प्रिंसिपल डीन
तीन छात्रों ने अवकाश के दिन अपने घरों में आत्महत्या की है। इस बारे में छात्रों के अभिभावक बता सकते हैं कि आत्महत्या की क्या वजह है। कॉलेज परिसर में छात्र खुश रहते हैं। परिसर या होस्टल में इस तरह का कदम किसी छात्र ने नहीं उठाया है। छात्रों की परीक्षाएं सही समय पर ली गई हैं। उन्हें पढ़ाई करने का पूरा समय दिया गया है। कॉलेज प्रबंधन भी छात्रों की दिक्कत और परेशानियों का पता लगाएगा। उसके मुताबिक उन्हें परामर्श दिया जाएगा। पुलिस भी आत्महत्या मामले की जांच कर रही है। - सुमेरू शर्मा, प्रिंसिपल डीन एवं विभागाध्यक्ष जीसीईटी, जम्मू।