जम्मू-कश्मीर: स्टंटबाजी और शराब पीकर ड्राइविंग करने वालों की खैर नहीं, ट्रैफिक पुलिस कसेगी शिकंजा
जम्मू में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले यातायात दबाव और जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष योजना बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
विस्तार
दरबार मूव के दौरान शहर में बढ़ने वाले यातायात दबाव और सर्दियों में घाटी से होने वाले पलायन को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नवंबर से फरवरी के अंत तक यातायात सुचारु रखने के लिए जाम वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष योजना बनाई जाएगी। साथ ही सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में आईजीपी ट्रैफिक जम्मू-कश्मीर एम. सुलेमान चौधरी ने सोमवार को ट्रैफिक अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जम्मू शहर के एसएसपी ट्रैफिक और डीएसपी को व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए। सिधड़ा, बठिंडी, ग्रीन बेल्ट पार्क, जम्मू रेलवे स्टेशन, रेलवे चौक, नरवाल, कासिम नगर, कैनाल रोड, बाग-ए-बाहु, सतवारी और जानीपुर में विशेष ध्यान देने को कहा गया।
स्टंटबाजी और नशे में ड्राइविंग पर कार्रवाई
बैठक में स्टंटबाजी, नाबालिगों के वाहन चलाने, ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार, लापरवाही से ड्राइविंग और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का फैसला किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाईवे पर काफिले की आवाजाही पर नजर
एसएसपी ट्रैफिक हाइवे रामबन को दरबार मूव के काफिले की आवाजाही सुचारु रखने के निर्देश दिए गए। नाचनलाना से हिंगनी तक एकल मार्ग तथा देवाल और मोम पासी के हिस्सों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। इसके लिए कश्मीर रेंज और जम्मू के ट्रैफिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
अपराध पर लगाम लगाने के लिए जांच में तेजी लाएं पुलिस
अपराध पर अंकुश लगाने और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जम्मू स्थित जोनल पुलिस मुख्यालय (जेडपीएचक्यू) में मंगलवार को समीक्षा बैठक हुई। जम्मू के डीआईजी पुलिस श्रीधर पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित मामलों की जांच, साइबर अपराध, थानों के कामकाज और जनता की शिकायतों के निपटारे की समीक्षा की गई। डीआईजी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामलों की जांच समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाए, ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके।
साइबर अपराध पर विशेष ध्यान
डीआईजी ने साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के समय पर निपटारे और पुलिस कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस के कामकाज की नियमित निगरानी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जांच की गुणवत्ता बनाए रखने, आम लोगों को बेहतर पुलिस सेवाएं देने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
लंबित मामलों के निपटारे पर जोर
बैठक में ई-साक्ष्य, ई-समन, आईआईएफ, ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर की स्थिति का जायजा लिया गया। इसके अलावा बीट स्तर से मिलने वाली सूचनाओं, दैनिक आंकड़ों के प्रबंधन और जांच अधिकारियों के बीच काम के उचित बंटवारे पर चर्चा हुई। थाना प्रभारियों को जांच की नियमित समीक्षा करने और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।