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आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब है ये सम्मेलन : एलजी
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को श्रीनगर में केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन सचिवों की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा, यह सम्मेलन आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब है और शांति, प्रगति और समृद्धि की ओर जम्मू-कश्मीर के बढ़ते कदमों को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर एक अजेय शक्ति है और यह आगे भी फलता-फूलता रहेगा। उपराज्यपाल ने पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन पर प्रकाश डाला।
उपराज्यपाल ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र का विकास केवल शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में ही संभव है। उपराज्यपाल ने कहा, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षाबलों की बहुत बड़ी भूमिका है लेकिन समाज की भूमिका भी कम नहीं है। समाज से अपनी आजीविका प्राप्त करने के आतंकवादियों के प्रयास को विफल किया जाना चाहिए। आम नागरिक आतंकवाद के खिलाफ खड़े हो रहे हैं। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन घाटी में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए एक अच्छा संकेत है। पूरे जम्मू कश्मीर को उठ खड़ा होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस खूबसूरत केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादियों के लिए कोई जगह न हो।
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इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन सचिव वी. विद्यावती, अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन सुमन बिल्ला, वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार पर्यटन ज्ञान भूषण, संयुक्त सचिव गृह मंत्रालय प्रवीण कुमार राय, पर्यटन सचिव, भारत सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के अधिकारी, पैनलिस्ट और विशेषज्ञ उपस्थित थे।
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जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक जम्मू-कश्मीर के इतिहास में निर्णायक क्षण
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक जम्मू-कश्मीर के इतिहास में एक निर्णायक क्षण था और इसने वैश्विक पर्यटन क्षेत्र में ब्रांड जम्मू-कश्मीर के निर्माण में मदद की। उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कार्यक्रम हुए जिन्होंने न केवल हमारी संगठनात्मक क्षमताओं को प्रदर्शित किया बल्कि जम्मू-कश्मीर को विलासिता, फिल्म, मनोरंजन और वैश्विक जुड़ाव के लिए एक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया।
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श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को श्रीनगर में केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन सचिवों की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा, यह सम्मेलन आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब है और शांति, प्रगति और समृद्धि की ओर जम्मू-कश्मीर के बढ़ते कदमों को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर एक अजेय शक्ति है और यह आगे भी फलता-फूलता रहेगा। उपराज्यपाल ने पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन पर प्रकाश डाला।
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उपराज्यपाल ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र का विकास केवल शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में ही संभव है। उपराज्यपाल ने कहा, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षाबलों की बहुत बड़ी भूमिका है लेकिन समाज की भूमिका भी कम नहीं है। समाज से अपनी आजीविका प्राप्त करने के आतंकवादियों के प्रयास को विफल किया जाना चाहिए। आम नागरिक आतंकवाद के खिलाफ खड़े हो रहे हैं। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन घाटी में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए एक अच्छा संकेत है। पूरे जम्मू कश्मीर को उठ खड़ा होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस खूबसूरत केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादियों के लिए कोई जगह न हो।
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इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन सचिव वी. विद्यावती, अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन सुमन बिल्ला, वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार पर्यटन ज्ञान भूषण, संयुक्त सचिव गृह मंत्रालय प्रवीण कुमार राय, पर्यटन सचिव, भारत सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के अधिकारी, पैनलिस्ट और विशेषज्ञ उपस्थित थे।
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जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक जम्मू-कश्मीर के इतिहास में निर्णायक क्षण
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक जम्मू-कश्मीर के इतिहास में एक निर्णायक क्षण था और इसने वैश्विक पर्यटन क्षेत्र में ब्रांड जम्मू-कश्मीर के निर्माण में मदद की। उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कार्यक्रम हुए जिन्होंने न केवल हमारी संगठनात्मक क्षमताओं को प्रदर्शित किया बल्कि जम्मू-कश्मीर को विलासिता, फिल्म, मनोरंजन और वैश्विक जुड़ाव के लिए एक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया।