बदली फिजा बदल सकती है सियासत, कश्मीर में पंचायत चुनाव में उम्मीदवार उतार सकता है थर्ड फ्रंट
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कश्मीर में मुख्यधारा के दलों नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के पंचायत उपचुनाव में उम्मीदवार उतारने पर असमंजस की स्थिति के बीच थर्ड फ्रंट ने बदली फिजा में चुनाव लड़ने के संकेत दिए है। हालांकि तीसरे मोर्चें के नेता बैठक कर आगामी दिनों में आमराय से कोई निर्णय लेने की बात कर रहे हैं। अगर थर्ड फ्रंट पंचायत उप चुनाव में उम्मीदवार उतारता हैं तो कश्मीर में सियासी हालात बदल जाएंगे और 2018 में नेकां, पीडीपी के चुनाव बहिष्कार की वजह से बने हालात जैसी स्थिति नहीं रहेगी।
पीडीपी के कई पूर्व विधायकों व विधान परिषद सदस्यों के अलावा अन्य कुछ दलों के नेताओं पर आधारित थर्ड फ्रंट की अगुवाई कर रहे सईद अल्ताफ बुखारी (पूर्व मंत्री) ने पंचायत उपचुनाव के फैसले को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। बुखारी के अनुसार साल 2018 में जम्मू कश्मीर खासतौर से कश्मीर में हुए पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में पंचायती सीटें रिक्त रह गई थीं।
चुनाव से जमीनी स्तर पर लोगों के मसलों का हल करने में मदद मिलती हैं। यहां तक थर्ड फ्रंट के पंचायत उप चुनाव में उम्मीदवार उतारने का सवाल हैं तो इस बारे में फ्रंट में शामिल सभी नेताओं से विचार विमर्श होगा और कोई फैसला लिया जाएगा।
उल्लेखनीय हैं कि थर्ड फ्रंट में पीडीपी के पूर्व विधायक मोहम्मद दिलावर मीर, पूर्व एमएलसी जफर इकबाल, पूर्व विधायक जावेद हुसेन बेग, पूर्व मंत्री एवं डेमोक्रेटिक पार्टी नेशनलिस्ट के अध्यक्ष गुलाम हसन मीर, नूर मोहम्मद, चौधरी कमर हुसेन और राजा मंजूर अहमद प्रमुख रूप से शामिल हैं। जनवरी 2020 में थर्ड फ्रंट के नेताओं ने उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू से मुलाकात की थी और इसके बाद पीडीपी के इन नेताओं को पार्टी की तरफ से निष्कासित कर दिया गया था।