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Jammu News: जिला अस्पताल के गेट पर शव रखकर हंगामा

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There was a ruckus by placing the dead body at the gate of the district hospital
पुलवामा में जिला अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते लोग। संवाद
पुलवामा। लस्सीपोरा इलाके के शिथ पैरीपोरा निवासी फारूक जमाल राठेर की सोमवार शाम मौत के बाद आक्रोशित परिवारवालों ने जिला अस्पताल के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि मरीज के इलाज में लापरवाही बरती गई, जिससे उसकी जान गई। वहीं चिकित्सा अधीक्षक ने परिवार के आरोपों काे सिरे से नकार दिया। जबकि विधायक वहीद उर रहमान पर्रा ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधा सरकारी उदासीनता का शिकार हो गई।
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परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने बताया कि 48 वर्षीय फारूक पेट में तेज दर्द से पीड़ित थे और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। घर पर उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल लाया गया जहां से उन्हें श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया, जहां बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
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रिश्तेदार उनका शव लेकर रात में ही पुलवामा के जिला अस्पताल आ गए। यहां शव को अस्पताल के गेट पर रखकर हंगामा और प्रदर्शन किया। रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि पुलवामा अस्पताल में दिए गए इंजेक्शन से मरीज़ की तबीयत बिगड़ी, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मरीज़ को श्रीनगर ले जाना था, तब पुलवामा ज़िला अस्पताल में आधे घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। प्रदर्शन रात करीब 12 बजे तक चला। पुलिस और जनप्रतिनिधियों के आने के बाद परिजनों को समझाया जा सका।
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इस मामले में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अब्दुल गनी ने लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज़ को ओपीडी में एक डॉक्टर देख रहे थे, जिन्होंने उसे आपातकालीन वार्ड में इंजेक्शन लगाने की सलाह दी थी। इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद मरीज़ बेहोश हो गया, लेकिन हमारी टीम ने उसे तुरंत होश में लाया और स्थिर किया, उसके बाद उसे एसएमएचएस रेफर किया। उन्होंने एम्बुलेंस सेवाओं में किसी भी तरह की चूक या रेफर करने की प्रक्रिया में देरी से भी इनकार किया।


जांच शुरू, दोषी पर होगी कार्रवाई : स्वास्थ्य निदेशक
पुलवामा के विधायक वहीद उर रहमान पर्रा ने कहा कि यह अस्पताल कभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस था, लेकिन अब लापरवाही, खराब मशीनरी और सरकारी उदासीनता का शिकार है। एक हफ़्ते के भीतर, कुप्रबंधन और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण पुलवामा अस्पताल में दूसरी मौत की खबर आई है। चिकित्सा लापरवाही के कारण हुई एक मौत के आरोपों के बाद इस मामले में स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जहांगीर ने मंगलवार को स्थिति का आकलन करने के लिए पुलवामा ज़िला अस्पताल का दौरा किया। स्वास्थ्य निदेशक ने अस्पताल के कर्मचारियों से बातचीत की और चिकित्सा रिकॉर्ड की समीक्षा की। निदेशक ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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