देश में असहिष्णुता के लिए कोई जगह नहीं: मुफ्ती
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मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा है कि देश में असहिष्णुता के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को बहुलता और समग्रता की मिसाल करार दिया।
गोवा में सोमवार को इंडिया आईडियास कंक्लेव-2015 में बोलते हुए मुफ्ती ने कहा कि वर्ष 1947 में विभाजन के समय देश में खराब हालात के दिनों में भी जम्मू-कश्मीर के लोगों ने संयम की मिसाल पेश की।
हाल ही में रियासत में शांति के माहौल को खराब करने की शरारती तत्वों की कोशिशों को भी राज्य के लोगों ने नाकाम किया। उन्होंने कहा कि राज्य की विधानसभा ने भी देश को शांति और भाईचारा का संदेश दिया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत-पाक संबंधों, गुड गवर्नेंस आदि विषयों पर पूछे गए सवालों का जवाब भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग विचारधाराओं और धर्म के बावजूद पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है।
कहा कि चुनाव के जनमत का आदर करते हुए रियासत में गठबंधन सरकार बनी है। उन्होंने कहा कि जो लोग नफरत की राजनीति करते हैं, उन्हें जम्मू-कश्मीर सरकार से सीख लेनी चाहिए कि किस तरह अलग-अलग विचारधारा की पार्टियां एकजुट होकर सरकार चला रहीं हैं।
भारत विश्व की शक्ति बनेगा
उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध विविधता से वह भविष्य में विश्व की शक्ति बनेगा और इसके लिए जरूरी है कि हिंसा की राजनीति को बंद किया जाए।
असहिष्णुता के कुछ मामलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पारदर्शिता, गुड गवर्नेंस और विकास का नारा पीछे नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हर पार्टी में कुछ लोग शांति के माहौल को खराब करने वाले होते हैं, लेकिन देश में अधिकांश लोग आपस में भाईचारा और एकता व शांति से रहना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि उधमपुर में पिछले माह दो लोगों को हिंसक भीड़ द्वारा जलाए जाने की घटना के बाद विधानसभा में सभी पार्टियों ने एक स्वर में शांति और भाईचारा का संदेश दिया।
उन्होंने गठबंधन सरकार के आठ महीने के कार्यों पर भी संतोष जताया और कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मैत्री संबंधों से जम्मू कश्मीर में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कंक्लेव में भूटान के प्रधानमंत्री लियोनचेन शेरिंग टोबगे, स्लोवानिया के पूर्व प्रधानमंत्री अलजोक पैटरी, गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत परसेकर, रक्षा मंत्री मनोहर पारिकर, बांग्लादेश के पूर्व राजदूत मोहम्मद जमीर भी मौजूद रहे।