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दिल्ली से NIT श्रीनगर तिरंगा फहराने जा रहे युवाओं को J&K की सीमा पर रोका गया
ब्यूरो, अमर उजाला/कठुआ
Updated Sun, 10 Apr 2016 01:13 AM IST
सार
- दिल्ली से श्रीनगर तिरंगा फहराने जा रहे थे 12 राज्यों के युवा
- युवाओं को नहीं दी गई आगे बढ़ने की अनुमति
- युवाओं ने जम्मू-पठानकोट हाईवे पर किया प्रदर्शन
- एनआईटी में तिरंगा फहराना चाहते हैं युवा
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हाईवे पर प्रदर्शन करते युवा
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
श्रीनगर एनआईटी में तिरंगा फहराने के लिए देश के 12 राज्यों से तिरंगा यात्रा लेकर आ रहे युवकों को रात 12 बजे जम्मू- कश्मीर की सीमा में प्रवेश करते ही लखनपुर में रोक दिया गया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर यात्रा में शामिल युवकों ने धरना देकर पुलिस और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
लखनपुर की ओर बढ़ने से पहले माधोपुर नाके पर पंजाब पुलिस ने भी उन्हें रोका लेकिन बाद में पूछताछ करने के बाद आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई। लखनपुर रावी पुल पर पहुंचते ही युवाओं ने भारत माता की जय और जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है के नारे लगाए।
युवाओं का नेतृत्व कर रहे तेजिंद्र पाल सिंह बग्गा ने बताया कि श्रीनगर में देश विरोधी ताकतों को जबाव देने और एनआईटी के छात्रों को समर्थन देने के लिए दिल्ली से श्रीनगर जा रहे हैं। गुजरात से आए हर्षित ने बताया कि हमारा मकसद यही है कि एनआईटी छात्रों को यह संदेश मिले की वे अकेले नही हैं, पूरा देश उनके साथ है।
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लखनपुर की ओर बढ़ने से पहले माधोपुर नाके पर पंजाब पुलिस ने भी उन्हें रोका लेकिन बाद में पूछताछ करने के बाद आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई। लखनपुर रावी पुल पर पहुंचते ही युवाओं ने भारत माता की जय और जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है के नारे लगाए।
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युवाओं का नेतृत्व कर रहे तेजिंद्र पाल सिंह बग्गा ने बताया कि श्रीनगर में देश विरोधी ताकतों को जबाव देने और एनआईटी के छात्रों को समर्थन देने के लिए दिल्ली से श्रीनगर जा रहे हैं। गुजरात से आए हर्षित ने बताया कि हमारा मकसद यही है कि एनआईटी छात्रों को यह संदेश मिले की वे अकेले नही हैं, पूरा देश उनके साथ है।
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पुलिस ने लखनपुर में किए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
युवाओं से बात करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : Amar Ujala
कोलकाता की संजोगिता ने कहा कि छात्रों पर लगी एफआईआर हटनी चाहिए। यात्रा के साथ पंजाब से हिंदू रक्षा दल के सदस्य पवन मन्हास भी शामिल हुए उन्हें भी पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया।
तिरंगा यात्रा को रोकने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस ने लखनपुर में कड़े प्रबंध कर रखे थे। जिला पुलिस प्रमुख सहित आला अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला। रावी पुल पर युवाओं का वाहन जैसे ही आगे बढ़ा उन्हें रोक लिया गया। एडिशनल एसपी खलील पोसवाल ने युवाओं को बताया कि उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं है हालांकि उनके तिरंगे को एनआईटी छात्रों तक पहुंचाने का भरोसा भी दिलाया गया।
नई दिल्ली स्थित गुरुद्वारा रकाबगंज से शनिवार सुबह आईटी, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, आर्किटेक्ट के अलावा अन्य छात्रों का यह जत्था श्रीनगर के लिए निकला था। इसे बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री आरपी सिंह और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
तिरंगा यात्रा को रोकने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस ने लखनपुर में कड़े प्रबंध कर रखे थे। जिला पुलिस प्रमुख सहित आला अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला। रावी पुल पर युवाओं का वाहन जैसे ही आगे बढ़ा उन्हें रोक लिया गया। एडिशनल एसपी खलील पोसवाल ने युवाओं को बताया कि उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं है हालांकि उनके तिरंगे को एनआईटी छात्रों तक पहुंचाने का भरोसा भी दिलाया गया।
नई दिल्ली स्थित गुरुद्वारा रकाबगंज से शनिवार सुबह आईटी, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, आर्किटेक्ट के अलावा अन्य छात्रों का यह जत्था श्रीनगर के लिए निकला था। इसे बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री आरपी सिंह और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पहले भी रोकी गई थी तिरंगा यात्रा
मौके पर तैनात सुरक्षा बल के जवान
- फोटो : Amar Ujala
जत्थे की संचालिका व आर्किटेक्ट रीता चौधरी ने बताया कि एनआईटी की घटना के बाद सोशल मीडिया पर युवाओं की बहस शुरू हुई। इसके बाद ‘ग्रुप ऑफ सिटीजन’ नाम से सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म बनाकर युवाओं से जुड़ने की अपील की गई। इस प्लेटफॉर्म पर 12 राज्यों के करीब दो सौ लोग जुड़े।
उन्होंने कहा कि हाथों में तिरंगा लेकर एनआईटी जाने का मुख्य मकसद है कि हम उन छात्रों को तिरंगा लौटा सकें, जिनसे टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान तिरंगा फहराने पर उठे विवाद में तिरंगा छीन लिया गया था। जत्थे में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली समेत 12 राज्यों के युवा शामिल हैं, जो कार और बस से श्रीनगर के लिए निकले हैं।
जनवरी 2011 नेकां-कांग्रेस सरकार के समय भी तिरंगा यात्रा को रोका गया था। तब भाजपा के दिग्गज नेता अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, नवजोत सिद्घू आदि के नेतृत्व में श्रीनगर जा रहे भाजपाइयों को रोक लिया गया था।
पिछली दफा कांग्रेस शासन में भाजपा ने उन्हें कश्मीर में बढ़ने से रोकने का आरोप लगाया था लेकिन इस बार केंद्र और जम्मू कश्मीर में भाजपा की सरकार होने के बाद भी आम युवाओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
उन्होंने कहा कि हाथों में तिरंगा लेकर एनआईटी जाने का मुख्य मकसद है कि हम उन छात्रों को तिरंगा लौटा सकें, जिनसे टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान तिरंगा फहराने पर उठे विवाद में तिरंगा छीन लिया गया था। जत्थे में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली समेत 12 राज्यों के युवा शामिल हैं, जो कार और बस से श्रीनगर के लिए निकले हैं।
जनवरी 2011 नेकां-कांग्रेस सरकार के समय भी तिरंगा यात्रा को रोका गया था। तब भाजपा के दिग्गज नेता अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, नवजोत सिद्घू आदि के नेतृत्व में श्रीनगर जा रहे भाजपाइयों को रोक लिया गया था।
पिछली दफा कांग्रेस शासन में भाजपा ने उन्हें कश्मीर में बढ़ने से रोकने का आरोप लगाया था लेकिन इस बार केंद्र और जम्मू कश्मीर में भाजपा की सरकार होने के बाद भी आम युवाओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।