Ceasefire: 'देश को चाहिए जवाब...सरकार ने किन परिस्थितियों में किया सीजफायर, क्या शांति की कीमत चुप्पी है'?
कांग्रेस ने जम्मू में जय हिंद यात्रा निकालकर सीजफायर के फैसले पर सवाल उठाते हुए संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। पार्टी नेताओं ने सरकार पर पाकिस्तान को सूचना देने और प्रधानमंत्री की चुप्पी को लेकर निशाना साधा।
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जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार के जम्मू शहर में जय हिंद यात्रा निकाली। यात्रा कांग्रेस मुख्यालय शहीदी चौक से शुरू हुई और रेजीडेंसी रोड, रघुनाथ मंदिर चौक, हरि मार्केट और रणबीर मार्केट क्षेत्र से गुजरते हुए इंदिरा चौक तक गई।
सीजफायर के फैसले पर कांग्रेस ने खड़े किए सवाल
यात्रा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा के नेतृत्व में निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि पूरा देश जाना चाहता है कि आखिर सरकार ने सीजफायर कैसे और किन परिस्थितियों में किया। क्या यह शिमला समझौता का उल्लंघन तो नहीं है। इन प्रश्नों को जवाब देने के लिए कांग्रेस पार्टी सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी प्रश्न उठ रहे है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सेना का अपमान करते है। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह इसका सुबूत है। कर्नल सोफिया कुरैशी पर उसकी टिप्पणी निंदनीय है। सरकार अपनी मंत्री कार्रवाई नहीं करती है, न्यायालय के हस्तक्षेप पर एफआईआर हुई है। ऑपरेशन सिंदूर में हमारे बहादुर जवान अपनी जान को जोखिम में डाल देश के दुश्मनों से लोहा ले रहे थे। वहीं दूसरे तरफ सरकार ने पाकिस्तान को इसकी जानकारी दी थी।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसे खुद स्वीकार किया है।
जीए मीर का सवाल, हमले के बाद पीएम बिहार रैली में क्यों थे?
एक तरफ पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा था तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीजफायर की घोषणा की। इस दौरान कांग्रेस नेता जीए मीर ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा था। हमले के बाद प्रधानमंत्री सर्वदलीय बैठक में भाग लेने की बजाय बिहार में चुनावी जनसभा को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री रक्षा विशेषज्ञों, बुद्धिजीवियों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर चुप क्यों हैं। इन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए। जय हिंद यात्रा में योगेश साहनी, डॉ. मनोहर लाल शर्मा, वेद महाजन, बलबीर सिंह, यशपाल कुंडल, रजनीश शर्मा, गुरबचन कुमारी राणा व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर निशाना
ऑपरेशन सिंदूर सुरक्षाबलों की जीत और भाजपा की हारचौधरी लाल सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सुरक्षाबलों की जीत और भाजपा की हार है। सरकार ट्रंप के आगे नतमस्तक हो गई। केंद्र सरकार कहती है कि जम्मू-कश्मीर में शांति है, आतंकवाद खत्म है, लेकिन ऐसा नहीं है। बार-बार आतंकी हमले हो रहे है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद ने फिर सर उठाया है। कुछ बेइमान राजनेताओं के कारण देश में इस तरह के हमले हो रहे है। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में हालात को खराब किया है। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ जो भी कार्रवाई करनी चाहिए उसका विपक्ष ने समर्थन किया। लेकिन प्रधानमंत्री खुद ट्रंप के सामने नतमस्तक हो गए।