कड़ाके की ठंड और धुंध ने किया बेहाल
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ठंड के साथ कोहरे की चादर ढकने से मंगलवार को लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे की वजह से लोगों को आसपास का कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।
सुबह-सुबह सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियों की संख्या भी बहुत कम रही। जो गाड़ियां चल भी रही थी, उनकी रफ्तार पर ब्रेक लगा रहा। कानाचक्क निवासी देवेंद्र कुमार का कहना था कि उनके क्षेत्र में धुंध की वजह से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।
यही हाल मंगलवार शाम को हुआ। शाम साढ़े पांच बजे के बाद धुंध ने ऐसा जोर पकड़ा कि अंधेरा छा गया।
किसानों को झेलनी पड़ रही सबसे ज्यादा परेशानी
ठंड के कारण सब से ज्यादा मुश्किल उन किसानों को हुई जो सुबह चार बजे उठ कर शहर को सब्जी लेकर जाते हैं। इसके अलावा दूध बेचने वालों को भी कड़ाके की ठंड और धुंध में दूध लेकर जाने में परेशानी हो गई।
वहीं सीमा से सटे इलाकों में छाई धुंध के चलते तार बंदी के आस पास जाने में भी किसान परेशान रहे। राकेश कुमार का कहना था कि उनके खेत सीमा पर लगी तारबंदी से सटे हुए हैं।
सुबह धुंध में वहां जाने पर भी डर रहता है। ऐसे ही अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे अन्य गांवों में भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।