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आतंकवादियों की संख्या 200 तक सीमित, सैन्य कमांडर बोले आतंकरोधी ऑपरेशनों की जरूरत
Fri, 19 Feb 2021 12:34 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Fri, 19 Feb 2021 12:34 PM IST
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लेफ्टिनेंट जनरल राजू
- फोटो : अमर उजाला
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विदेशी राजनयिकों को 15वीं कोर के मुख्यालय में सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू एक प्रश्न के जवाब में बताया कि सुरक्षा में बेहतर सुधार किया गया है। आतंकवादी अभी भी गतिविधियों को अंजाम देने में सक्रिय हैं। पिछले साल ज्यादातर आतंकी संगठनों ने ताकत खोई है। उनके कई कमांडर मारे गए हैं जिसके परिणामस्वरूप अधिक सुरक्षित माहौल बना है।
लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने यह भी बताया कि आतंकवादियों की संख्या लगभग 200 तक पहुंचने के बावजूद काउंटर टेरर आपरेशन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय अनुभव काउंटर टेरर ऑपरेशन की जमीनी स्तर पर आवश्यकता को साबित करते हैं। राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए आतंकी संगठनों के प्रयास चिंता का विषय है।
पाकिस्तान का झूठा प्रचार देख चुके लोग
कोर कमांडर ने पाकिस्तान और अलगाववादियों के प्रचार प्रयासों पर भी ध्यान आकर्षित किया, उन्होंने साझा किया कि कश्मीरी नागरिक सीमा पार से हो रहे झूठे प्रचार को देख चुके हैं। अब अनदेखा करना पसंद कर रहे हैं। कट्टरपंथ से दूर रखने (डी-रेडिकलाइजेशन) के प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर कोर कमांडर ने कहा कि इस तरह के प्रयासों में प्रमुख समर्थक माता-पिता, समाज के बुजुर्ग और मित्र हैं जो युवाओं की कट्टरपंथी विचारधारा की पहचान करने में मदद करते हैं। सिविल सोसाइटी और सरकार ऐसे चिह्नित युवाओं की काउंसिलिंग और उनके समर्थन के लिए संयुक्त प्रयास किया जाता है।
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यह भी पढ़ें- बडगाम मुठभेड़ में शहीद हुए एसपीओ को दी गई श्रद्धांजलि, देखिए तस्वीरें
बेहतर पुलिस पर जताया संतोष
राजनयिकों ने जम्मू-कश्मीर में किए जा रहे बेहतर पुलिसिंग पर संतोष व्यक्त किया। सरकारी प्रयासों के समर्थन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर कोर कमांडर ने साझा किया कि कई स्थानीय और राष्ट्रीय, गैर सरकारी संगठन जम्मू-कश्मीर में सरकारी प्रयासों में मदद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह संगठन नशीली पदार्थों के दुरुपयोग, महिला सशक्तीकरण और युवाओं के कौशल सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार और डीआईजी अमित कुमार ने राजनयिकों को एलओसी और घाटी के आंतरिक इलाकों में मौजूदा स्थिति से रूबरू कराया। बताया गया कि महामारी के दौरान पुलिस स्थानीय लोगों के पास पहुंची, उनके मुद्दों को सुलझाकर उनका सहयोग प्राप्त किया।
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लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने यह भी बताया कि आतंकवादियों की संख्या लगभग 200 तक पहुंचने के बावजूद काउंटर टेरर आपरेशन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय अनुभव काउंटर टेरर ऑपरेशन की जमीनी स्तर पर आवश्यकता को साबित करते हैं। राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए आतंकी संगठनों के प्रयास चिंता का विषय है।
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पाकिस्तान का झूठा प्रचार देख चुके लोग
कोर कमांडर ने पाकिस्तान और अलगाववादियों के प्रचार प्रयासों पर भी ध्यान आकर्षित किया, उन्होंने साझा किया कि कश्मीरी नागरिक सीमा पार से हो रहे झूठे प्रचार को देख चुके हैं। अब अनदेखा करना पसंद कर रहे हैं। कट्टरपंथ से दूर रखने (डी-रेडिकलाइजेशन) के प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर कोर कमांडर ने कहा कि इस तरह के प्रयासों में प्रमुख समर्थक माता-पिता, समाज के बुजुर्ग और मित्र हैं जो युवाओं की कट्टरपंथी विचारधारा की पहचान करने में मदद करते हैं। सिविल सोसाइटी और सरकार ऐसे चिह्नित युवाओं की काउंसिलिंग और उनके समर्थन के लिए संयुक्त प्रयास किया जाता है।
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बेहतर पुलिस पर जताया संतोष
राजनयिकों ने जम्मू-कश्मीर में किए जा रहे बेहतर पुलिसिंग पर संतोष व्यक्त किया। सरकारी प्रयासों के समर्थन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर कोर कमांडर ने साझा किया कि कई स्थानीय और राष्ट्रीय, गैर सरकारी संगठन जम्मू-कश्मीर में सरकारी प्रयासों में मदद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह संगठन नशीली पदार्थों के दुरुपयोग, महिला सशक्तीकरण और युवाओं के कौशल सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार और डीआईजी अमित कुमार ने राजनयिकों को एलओसी और घाटी के आंतरिक इलाकों में मौजूदा स्थिति से रूबरू कराया। बताया गया कि महामारी के दौरान पुलिस स्थानीय लोगों के पास पहुंची, उनके मुद्दों को सुलझाकर उनका सहयोग प्राप्त किया।