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गोलगप्पे खाने के चक्कर में नहीं बन पाई डॉक्टर: महबूबा मुफ्ती
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:09 AM IST
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कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करतीं महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को 106 बेड वाले जीएमसी ब्वायज (पीजी) हास्टल का नींव पत्थर रखा।
उन्होंने सभी स्वास्थ्य प्रोजेक्टों को समय पर मुकम्मल बनाने पर जोर दिया। हॉस्टल परिसर में इंडोर स्टेडियम का निर्माण अगले छह माह में पूरा किया जाएगा।
इसके लिए तीन करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। जीएमसी जम्मू और श्रीनगर में स्टाफ व विद्यार्थियों के लिए तीन-तीन बसें चलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि उनके अभिभावक चाहथे थे कि वे डॉक्टर बने लेकिन गोलगप्पे खाने के चक्कर में ही रह गईं।
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उन्होंने सभी स्वास्थ्य प्रोजेक्टों को समय पर मुकम्मल बनाने पर जोर दिया। हॉस्टल परिसर में इंडोर स्टेडियम का निर्माण अगले छह माह में पूरा किया जाएगा।
इसके लिए तीन करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। जीएमसी जम्मू और श्रीनगर में स्टाफ व विद्यार्थियों के लिए तीन-तीन बसें चलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि उनके अभिभावक चाहथे थे कि वे डॉक्टर बने लेकिन गोलगप्पे खाने के चक्कर में ही रह गईं।
सीएम ने स्वास्थ्य महकमे को सराहा
सीएम महबूबा मुफ्ती
- फोटो : PTI
मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर में खराब हालात के दौरान स्वास्थ्य महकमे ने सराहनीय सेवाएं दी हैं। कई डाक्टर सेवाएं देने के साथ घरों में वापस नहीं गए हैं। उन्होंने कहा कि मांगों और प्रस्तावों के लिए फैकल्टी और विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र को बढ़ावा दिया जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष मेडिकल छात्रों ने कई मांगों को उठाया।
इसमें लाइब्रेरी को विकसित करने, लाइब्रेरी की समय सारिणी बढ़ाने, लैपटॉप, कंप्यूटर आदि इलेक्ट्रानिक उपकरण उपलब्ध करवाने, कालेज के पास मेडिकल बुक सेंटर खोलने, इंडोर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, विद्यार्थियों के लिए यातायात सुविधा विकसित करने, छात्रवृत्ति आदि शामिल रहा।
जीएमसी प्रशासन की ओर से फार्माकोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. विशाल आर टंडन ने डीम्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी, मरीजों की चिकित्सा के लिए रेडक्रास भवन पर प्रशासनिक नियंत्रण, डायग्नोस्टिक विभागों के बेहतर प्रबंधन को राशि जुटाने, नान क्लीनिकल टीचिंग के लिए अलग से फंड हेड बनाने, रहबर-ए-सेहत कार्यालय में मल्टीस्टोरी पार्किंग, डेंटल सर्जन का पद सृजित करने आदि मांगों को रखा।
इसमें लाइब्रेरी को विकसित करने, लाइब्रेरी की समय सारिणी बढ़ाने, लैपटॉप, कंप्यूटर आदि इलेक्ट्रानिक उपकरण उपलब्ध करवाने, कालेज के पास मेडिकल बुक सेंटर खोलने, इंडोर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, विद्यार्थियों के लिए यातायात सुविधा विकसित करने, छात्रवृत्ति आदि शामिल रहा।
जीएमसी प्रशासन की ओर से फार्माकोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. विशाल आर टंडन ने डीम्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी, मरीजों की चिकित्सा के लिए रेडक्रास भवन पर प्रशासनिक नियंत्रण, डायग्नोस्टिक विभागों के बेहतर प्रबंधन को राशि जुटाने, नान क्लीनिकल टीचिंग के लिए अलग से फंड हेड बनाने, रहबर-ए-सेहत कार्यालय में मल्टीस्टोरी पार्किंग, डेंटल सर्जन का पद सृजित करने आदि मांगों को रखा।