वैट को लेकर वित्त मंत्री से मिले व्यापारी
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रियासत में आई बाढ़ के बाद वैट जमा करने की तिथियों को आगे बढ़ाने को लेकर चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज व अन्य व्यापारिक संगठनों और कामर्शियल टैक्स विभाग के बीच हुए विवाद को हल करने के लिए सरकार के उच्च अधिकारियों का वफद जम्मू पहुंचा।
इस दौरान उन्होंने व्यापारियों की बात सुनी और अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर को सौंपी दी। अब वित्त मंत्री इस पर अंतिम फैसला लेंगे। उल्लेखनीय है कि वैट जमा करने को लेकर उठे विवाद के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी और अन्य अधिकारियों को व्यापारिक संगठनों से मिलकर मामले का हल निकालने को कहा था।
सोमवार सुबह कामर्शियल टैक्स कार्यालय में सरकार के आर्थिक सलाहकार जेए खान, प्रिंसिपल सेक्रेटरी बीबी व्यास और कामर्शियल टैक्स कमिश्नर केएच रिजवी ने चैंबर व अन्य संगठनों साथ बैठक कर उनकी समस्या सुनी।
बाढ़ के बाद वैट जमा कराने की तिथि बढ़ाने की मांग
इस दौरान चैंबर प्रेसीडेंट राकेश गुप्ता ने उच्चाधिकारियों को व्यापारियों की डिमांड के पीछे के तर्क को बताया। उनका कहना था कि रियासत में बाढ़ आने के बाद प्रदेश के सभी व्यापारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं।
रियासत में हर तरह के व्यापार में ठहराव आ गया है। इससे हुए नुकसान से उबरने में काफी समय लगेगा। उच्चाधिकारियों ने कहा कि वे उनकी बात वित्त मंत्री के समक्ष रखेंगे और इसका हल निकालेंगे।
चैंबर प्रेसीडेंट गुप्ता ने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया, उससे उम्मीद है कि व्यापारियों की तार्किक मांग का हल प्राथमिकता के आधार पर होगा।
इससे पूरी रियासत के व्यापारी वर्ग को इसका लाभ मिलेगा। बैठक में चैंबर, गंग्याल और बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अलावा विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।