{"_id":"68a63dc619cf5320ea0bcf50","slug":"the-family-expressed-disappointment-over-the-delay-in-bringing-the-students-body-jammu-news-c-264-1-sr11002-106144-2025-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: छात्रा का शव लाने में देरी पर परिवार ने जताई निराशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: छात्रा का शव लाने में देरी पर परिवार ने जताई निराशा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। सफाकदल की रहने वाली एमबीबीएस की चौथे वर्ष की छात्रा सबा रसूल की पिछले सप्ताह ईरान में मृत्यु हो गई थी। परिवार ने निराशा व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि ईरानी प्रशासन द्वारा उनके साथ ठीक से समन्वय नहीं किया गया। इस कारण शव स्वदेश लाने में देरी हो रही है।
परिवार के एक सदस्य ने बताया कि शव को मंगलवार को श्रीनगर ले जाने से पहले नई दिल्ली आना था। यह प्रक्रिया रुकी हुई है। परिवार ने एक सदस्य ने तेहरान में भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के सहयोग की प्रशंसा की। साथ ही आरोप लगाया कि ईरानी प्रशासन ने सही से सहयोग नहीं दिया। हमें बताया गया था कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और शव सौंप दिया जाएगा। बाद में हमसे पासपोर्ट जैसे अलग-अलग दस्तावेज़ लाने के लिए कहा गया जिसके चलते देरी हुई है। परिवार ने विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है ताकि और न हो। कहा कि तेहरान से नई दिल्ली के लिए अगली उपलब्ध उड़ान शुक्रवार को है। रिश्तेदारों ने कहा कि सबा की मौत को छह दिन हो चुके हैं। एक रिश्तेदार ने कहा कि माता-पिता बेटी का चेहरा आखिरी बार देखने के लिए इंतज़ार कर रहे हैं। सबा 2021 से उर्मिया यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थीं। इस बीच जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) के अध्यक्ष नासिर ख्यूहामी ने कहा कि अब देरी ईरानी पक्ष की ओर से हो रही है। छात्र संघ ने दिल्ली में ईरान के राजदूत के समक्ष भी इस मुद्दे को तत्काल उठाया है। ब्यूरो
विज्ञापन
परिवार के एक सदस्य ने बताया कि शव को मंगलवार को श्रीनगर ले जाने से पहले नई दिल्ली आना था। यह प्रक्रिया रुकी हुई है। परिवार ने एक सदस्य ने तेहरान में भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के सहयोग की प्रशंसा की। साथ ही आरोप लगाया कि ईरानी प्रशासन ने सही से सहयोग नहीं दिया। हमें बताया गया था कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और शव सौंप दिया जाएगा। बाद में हमसे पासपोर्ट जैसे अलग-अलग दस्तावेज़ लाने के लिए कहा गया जिसके चलते देरी हुई है। परिवार ने विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है ताकि और न हो। कहा कि तेहरान से नई दिल्ली के लिए अगली उपलब्ध उड़ान शुक्रवार को है। रिश्तेदारों ने कहा कि सबा की मौत को छह दिन हो चुके हैं। एक रिश्तेदार ने कहा कि माता-पिता बेटी का चेहरा आखिरी बार देखने के लिए इंतज़ार कर रहे हैं। सबा 2021 से उर्मिया यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थीं। इस बीच जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) के अध्यक्ष नासिर ख्यूहामी ने कहा कि अब देरी ईरानी पक्ष की ओर से हो रही है। छात्र संघ ने दिल्ली में ईरान के राजदूत के समक्ष भी इस मुद्दे को तत्काल उठाया है। ब्यूरो
विज्ञापन