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आतंकी साजिश : कश्मीर जाते समय रास्ते में पूछताछ न हो, इसलिए हथियार ले जाने के लिए जम्मू नंबर का टैंकर खरीदा

Sun, 13 Nov 2022 11:25 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 13 Nov 2022 11:25 AM IST
सार

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त करते हुए सीमा पार से ड्रोन के जरिये भेजे गए हथियारों के जखीरे के साथ कश्मीर के जैश-ए मोहम्मद के तीन आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया था। तीनों मददगार जम्मू में नेशनल हाईवे पर सिद्दड़ा के पास एक पार्क में झाड़ियों में छिपाकर रखे हथियारों को ऑयल टैंकर में ले जा रहे थे।

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Terrorists bought Jammu numbered tanker so that there no questioning on the way to Kashmir
जम्मू नरवाल से गिरफ्तार आतंंकी - फोटो : पुलिस पीआरओ

विस्तार

नरवाल में हथियारों के साथ गिरफ्तार जैश ए मोहम्मद के आतंकियों से पूछताछ में कई और खुलासे हुए हैं। आतंकियों ने जिस ऑयल टैंकर में हथियारों को छुपाया था। इसको अभी कुछ ही दिन पहले जम्मू के एक ट्रांसपोर्टर से खरीदा गया था। इसमें अभी भी 12 लाख रुपये का डीजल भरा हुआ है।

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यह टैंकर पांपोर के रहने वाले फारूक ने जम्मू के ट्रांसपोर्टर से 13 लाख रुपये में खरीदा था। अभी इसके बदले 7 लाख ही दिए थे और टैंकर भी उसके नाम पर ट्रांसफर नहीं हुआ था। जानबूझ कर जम्मू के नंबर वाला ऑयल टैंकर खरीदा गया, क्योंकि जम्मू से कश्मीर पेट्रोल डीजल ले जाने वालों की जांच रास्ते में बहुत कम होती है।
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ऑयल टैंकर चालक की पहचान करने और पेट्रोल डीजल ले जाने की अनुमति के अलावा कई औपचारिकताएं पूरी करने के बाद यह टैंकर निकलते हैं। आतंकियों ने टैंकर में हथियार इसलिए रखे, ताकि उन्हें कोई पूछे नहीं। इसलिए भी जम्मू नंबर का टैंकर खरीदा, ताकि इसको पूछताछ के लिए कम रोका जाए।
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उल्लेखनीय है कि आमतौर पर हथियारों की तस्करी ट्रकों में होती रही है। ट्रकों के बीच हथियार छुपाने के लिए गुप्त जगह बनाई जाती थी, लेकिन अब 16 साल के बाद ऑयल टैंकर का आतंकी साजिश के लिए इस्तेमाल किया गया है।

इसके पहले 2006 में ऑयल टैंकर को जम्मू के ऑयल डीपो के पास ले जाकर उसमें धमाका किया गया था। इससे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 16 अन्य घायल हो गए थे। 

सिद्दड़ा लेकर गई पुलिस

शुक्रवार को आतंकी मोहम्मद यासीन को पुलिस सिद्दड़ा पर्यावरण पार्क के नजदीक के जंगल में ले गई। यहां से इन लोगों ने हथियार बरामद किए थे। इसके अलावा पुलिस ने उस ट्रांसपोर्टर से भी पूछताछ की है, जिससे फारूक ने टैंकर खरीदा था।

सिद्दड़ा में झाड़ियों में छिपाकर रखे हथियारों को ऑयल टैंकर में ले जा रहे थे तीनों आरोपी

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त करते हुए सीमा पार से ड्रोन के जरिये भेजे गए हथियारों के जखीरे के साथ कश्मीर के जैश-ए मोहम्मद के तीन आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों मददगार जम्मू में नेशनल हाईवे पर सिद्दड़ा के पास एक पार्क में झाड़ियों में छिपाकर रखे हथियारों को ऑयल टैंकर में ले जा रहे थे।

इन हथियारों को पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगना शाहवाज ने ड्रोन के जरिये इस पार भेजा था। उसकी बताई गई लोकेशन पर तीनों ने हथियार बरामद किए और टैंकर के केबिन में छिपाकर इन्हें ले जा रहे थे। इन हथियारों में तीन एके56 राइफल, एक पिस्टल, एके56 की नौ मैगजीन, 191 कारतूस और 6 ग्रेनेड शामिल हैं। 

पुलिस के अनुसार, आठ नवंबर की रात त्रिकुटा नगर थाने की टीम ने हाईवे पर नाका लगाया था। इस दौरान नरवाल के पास खड़े एक ऑयल टैंकर (जेके02बीएफ 2965) को तलाशी लेकर आगे बढ़ा दिया। यहां से टैंकर निकला और पर्यावरण पार्क के पास जाकर चालक ने इसे फिर रोक दिया।

वहां पर पुलिस के गश्ती दल ने इसे आगे बढ़ने को कहा। चालक ने थोड़ी दूर जाकर यू टर्न लेकर वापस टैंकर नरवाल पहुंचा दिया। जब पुलिस कर्मियों ने देखा कि वहीं टैंकर वापस आया है तो चालक से पूछताछ की। इस दौरान उसके दो साथियों ने पुलिस कर्मियों के साथ बहस शुरू कर दी और मारपीट करने लगे।

पुलिस टीम तीनों को हिरासत में लेकर त्रिकुटा नगर थाने में ले गई। पूछताछ पर टैंकर चालक ने अपना नाम मोहम्मद यासीन निवासी पांपोर बताया। उसके साथियों की पहचान फरहान फारूक और फारूक अहमद के रूप में हुई।

इन तीनों की संदिग्ध गतिविधियों और बातों पर पांपोर पुलिस थाने से जानकारी ली गई तो पता चला कि टैंकर चालक यासीन पर अवंतिपोरा थाने में गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल होने का केस दर्ज है।



यह जानकारी मिलते ही पुलिस ने तीनों से सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने बताया कि वे आतंकी संगठन जैश-ए मोहम्मद के लिए काम करते हैं और जम्मू से हथियार लेने के लिए आए थे। जब पुलिस ने ऑयल टैंकर की दोबारा तलाशी ली तो इसमें हथियार बरामद हुए। 

व्हाट्सएप पर भेजी थी लोकेशन

मोहम्मद यासीन ने बताया कि उसे पाकिस्तान में बैठे जैश के आतंकी सरगना शाहवाज ने व्हाटसएप पर लोकेशन भेजी थी। यह लोकेशन सिद्दड़ा के पर्यावरण पार्क के पास झाड़ियों की थी। इसका पूरा वीडियो बनाकर भेजा गया था। इसकी मदद से वे लोग हथियारों तक पहुंचे और इनको उठाकर टैंकर में छुपा लिया। 

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