घुसपैठ के लिए नेटवर्क मजबूत कर रहे आतंकी
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आतंकी संगठनों ने अपनी गतिविधियों को अब भीतरी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति बनाई है। भारतीय नेटवर्क के आगे लगातार नाकाम हो रहे आतंकी अब पहले अपना नेटवर्क मजबूत करेंगे, फिर बाद में पूरी तैयारी के साथ घुसपैठ का प्रयास करेंगे।
इसके लिए आतंकी संगठनों ने एलओसी और आईबी पर बैठे अपने ओवर ग्राउंड वर्करों को फिर से सक्रिय किया है। इनकी मदद से आतंकी संगठन घुसपैठ के नेटवर्क को मजबूत करना चाहते हैं। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एलओसी और आईबी पर जहां आतंकी महीने में दस बार घुसपैठ का प्रयास करते थे, वहीं अब एक ही बार घुसपैठ की कोशिश करेंगे।
बाकी का वक्त अपने घुसपैठ के नेटवर्क को मजबूत करने में लगाएंगे। भारतीय गोलाबारी से बचने के लिए अपने सुरक्षा कवच को मजबूत करेंगे। एलओसी और आईबी पर अपने संचार नेटवर्क को मजबूत करेंगे। तकनीक और सुरक्षा को मजबूत करेंगे। कश्मीर के युवाओं को अपने साथ जोड़कर आतंकी हमले करने की भी कोशिश की जा रही है।
मजबूत नेटवर्क के आगे घुटने टेके
पिछले दो साल से एलओसी और इंटरनेशनल बार्डर पर घुसपैठ के सैकड़ों प्रयास किए गए हैं। इस वर्ष के शुरुआत में ही ताबड़तोड़ घुसपैठ का प्रयास किया गया। जनवरी महीने में आईबी पर 20 बार घुसपैठ का प्रयास किया गया, लेकिन विफलता ही मिली। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के संचार, तकनीकी, रणनीति, गोलाबारी के नेटवर्क ने घुसपैठ को नाकाम किया है।
यदि एक दो बार घुसपैठ में आतंकी सफल भी हुए तो मारे गए। यदि सरहद पर गोलाबारी की गई तो भारत के कड़े जवाब के आगे पाक को झुकना पड़ा। आईएसआई, पाकिस्तानी सेना और आतंकी संगठनों के घुसपैठ के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया गया। इसकी वजह से आतंकी अब खामोश हो गए हैं।
हाफिज की गतिविधियां कम हुईं
पीओके में आतंकी संगठनों की गतिविधियां कम हो गई हैं। पिछले एक महीने से हलचल नहीं देखी गई। अभी कुछ महीने पहले ही जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद लगातार एलओसी की रैकी कर रहा था और पीओके में बैठकर स्थानीय लोगों के साथ बैठक होती थी।
रैलियां आयोजित होती थी, लेकिन पिछले एक महीनों से हाफिज की कोई मूवमेंट नहीं देखी गई। खुफिया एजेंसियों को हाफिज की कोई सूचना नहीं मिल रही। खुफिया एजेंसियों को हाफिज की खामोशी समझ में नहीं आ रही।