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लोगों में भय फैलाना चाहते हैं आतंकी संगठन, लश्कर-जैश और हिजबुल साजिश में जुटे: कंसल
Sun, 13 Oct 2019 02:01 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 13 Oct 2019 02:01 AM IST
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जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने कहा कि आतंकी हमलों का मकसद महज जानमाल का नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों में भय का माहौल बनाना है, जबकि यहां की ज्यादातर आबादी शांतिप्रिय है।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों पर साजिश का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि आतंकियों ने व्यापारियों, कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों को सामान्य कामकाज करने से रोकने के लिए कुछ लोगों की हत्या की है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। लेकिन 2008, 2010 और 2016 में हुई घटनाओं का इतिहास देखते हुए इस बार बड़े पैमाने पर हिंसा नहीं होना उल्लेखनीय बात है।
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कंसल ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए नेताओं व अन्य लोगों को भी जल्द रिहा करने के लिए समीक्षा प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यदि गिरफ्तारियां की गई हैं, तो रिहाई भी की गई है। यह एक त्वरित प्रक्रिया है और मामलों की समीक्षा जारी है।
बता दें कि 4 अगस्त की रात को राज्य के शीर्ष व दूसरी पंक्ति के अलगाववादी नेताओं को निरोधक कार्रवाई के तहत हिरासत में ले लिया गया था।
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पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों पर साजिश का आरोप लगाया।
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उन्होंने कहा कि आतंकियों ने व्यापारियों, कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों को सामान्य कामकाज करने से रोकने के लिए कुछ लोगों की हत्या की है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। लेकिन 2008, 2010 और 2016 में हुई घटनाओं का इतिहास देखते हुए इस बार बड़े पैमाने पर हिंसा नहीं होना उल्लेखनीय बात है।
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कंसल ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए नेताओं व अन्य लोगों को भी जल्द रिहा करने के लिए समीक्षा प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यदि गिरफ्तारियां की गई हैं, तो रिहाई भी की गई है। यह एक त्वरित प्रक्रिया है और मामलों की समीक्षा जारी है।
बता दें कि 4 अगस्त की रात को राज्य के शीर्ष व दूसरी पंक्ति के अलगाववादी नेताओं को निरोधक कार्रवाई के तहत हिरासत में ले लिया गया था।