खुलासाः आतंकी संगठन हिजबुल और टीआरएफ आमने-सामने, हमजा बोला- हिज्ब को ये आखिरी चेतावनी
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कश्मीर घाटी में पिछले कुछ समय से सुर्खियों में आए आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन को अपनी हरकतों से बाज आने की चेतावनी दी है। टीआरएफ ने कहा कि कश्मीरी लोग हमारे भाई हैं और अगर उनके साथ किसी प्रकार का भी अत्याचार होता है, तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे। इसका खुलासा हुआ है टीआरएफ संगठन के कमांडर द्वारा जारी किए गए पत्र में।
यह बयान टीआरएफ के कमांडर हमजा द्वारा शुक्रवार को जारी किया गया है। जारी बयान में कमांडर हमजा ने कहा कि कुछ दिन पहले हमने हिज्ब से कश्मीरी पुलिस वालों और स्थानीय लोगों की हत्या पर रोक लगाने के लिए चेतावनी दी थी। इसके बावजूद शोपियां से एक जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक पुलिसकर्मी को अगवा किया।
इतना ही नहीं हिज्ब की ओर इशारा करते हुए हमजा ने यह भी कहा कि सोचा था कि हम साथ मिलकर लड़ेंगे लेकिन यह हमारी बड़ी गलती थी। उसने बताया कि कमांडर अब्बास के हिज्ब को छोड़ने के पीछे भी यही कारण था कि वो भी कश्मीरी पुलिस वालों और स्थानीय लोगों की हत्या के खिलाफ थे। हम अब हर उस शख्स के खिलाफ जंग लड़ेंगे जो किसी भी कश्मीरी को मारता है या उसे नुकसान पहुंचाता है।
हमजा बोला- हिज्ब को हमारी ओर से आखिरी चेतावनी है
हमजा ने कहा कि हिज्ब को हमारी ओर से आखिरी चेतावनी है। सूत्रों की मानें तो लश्कर और जैश के समर्थन वाले टीआरएफ को खड़ा करने के पीछे एक मुख्य उद्देश्य है घाटी में तीन दशकों से हिज्ब की मजबूत पकड़ को कमजोर करना।
गौरतलब है कि अप्रैल के पहले हफ्ते कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में घुसपैठ के दौरान मारे गए 5 आतंकी टीआरएफ के थे। इतना ही नहीं, इसके बाद भी घाटी में कुछ घटनाओं को अंजाम देने के पीछे भी इसी संगठन के आतंकियों का हाथ है। बता दें आतंकी संगठन अल-बदर और लश्कर-ए-तैयबा को प्रतिबंधित किए जाने के बाद टीआरएफ का गठन इन्हीं दो आतंकी संगठनों द्वारा किया गया है।
सूत्रों की मानें तो पीओके में इन्हें पूर्व एसएसजी के जवान कमांडो ट्रेनिंग देते हैं। वर्तमान में करीब 200-250 ट्रेंड टीआरएफ के आतंकी पीओके में विभिन लांचिंग पैड पर घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। हाल ही में एक अधिकारी ने बताया है कि इस बार संभावना है कि पाकिस्तान द्वारा घुसपैठ की अच्छी खासी कोशिश की जाएगी।