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आतंकी फंडिंग: अलगाववादी नेता यासीन मलिक के खिलाफ पूरक आरोप पत्र, सुनवाई 23 को
Fri, 04 Oct 2019 10:40 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 04 Oct 2019 10:40 PM IST
सार
- चार जून को हुई थी अंद्राबी, शाह व भट की गिरफ्तारी
- पांचों आरोपियों ने मिलकर रची थी साजिश, अंतिम रिपोर्ट में 10 अन्य आरोपी
- आसिया, शब्बीर, मसरत व राशिद भी आरोपी, सुनवाई 23 को
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यासीन मलिक
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी फंडिंग मामले में अलगाववादी नेता यासीन मलिक के खिलाफ शुक्रवार को पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। एनआईए ने मलिक के अलावा आसिया अंद्राबी, शब्बीर शाह और मसरत आलम भट को भी नामजद किया है। साथ ही पूर्व विधायक राशिद इंजीनियर को आरोप पत्र में बतौर आरोपी बनाया गया है। मामला वर्ष 2017 में आतंकी वारदातों और पत्थरबाजी के लिए पैसा बांटने के आरोपों से जुड़ा है।
पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश राकेश सयाल ने बंद कमरे में सुनवाई करते हुए पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के लिए 23 अक्तूबर की तारीख तय की है। एनआईए ने यासीन को 10 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। एनआईए ने उनके खिलाफ आतंकी वारदातों के लिए फंड जुटाने, विदेशों से हवाला के जरिए रकम लेने के आरोप में मामला दर्ज किया था। इस पैसे का इस्तेमाल कश्मीर घाटी में आतंकी वारदातों, सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी कराने, स्कूलों को जलवाने, सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त व देश के खिलाफ जंग छेड़ने के लिए किया जाता था।
केंद्र सरकार ने यासीन मलिक की गिरफ्तारी के एक महीने बाद ही उनके संगठन जेकेएलएफ पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार का कहना है कि जेकेएलएफ 1988 से ही अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त रहा है और घाटी में अशांति फैलाने में इसकी अहम भूमिका रही है। 3000 पन्नों की चार्जशीट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान उच्चायोग ने कश्मीर घाटी में अशांति पैदा करने के लिए अलगाववादियों का समर्थन करते हुए उन्हें विभिन्न माध्यमों से धन उपलब्ध कराया था।
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पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश राकेश सयाल ने बंद कमरे में सुनवाई करते हुए पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के लिए 23 अक्तूबर की तारीख तय की है। एनआईए ने यासीन को 10 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। एनआईए ने उनके खिलाफ आतंकी वारदातों के लिए फंड जुटाने, विदेशों से हवाला के जरिए रकम लेने के आरोप में मामला दर्ज किया था। इस पैसे का इस्तेमाल कश्मीर घाटी में आतंकी वारदातों, सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी कराने, स्कूलों को जलवाने, सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त व देश के खिलाफ जंग छेड़ने के लिए किया जाता था।
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केंद्र सरकार ने यासीन मलिक की गिरफ्तारी के एक महीने बाद ही उनके संगठन जेकेएलएफ पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार का कहना है कि जेकेएलएफ 1988 से ही अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त रहा है और घाटी में अशांति फैलाने में इसकी अहम भूमिका रही है। 3000 पन्नों की चार्जशीट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान उच्चायोग ने कश्मीर घाटी में अशांति पैदा करने के लिए अलगाववादियों का समर्थन करते हुए उन्हें विभिन्न माध्यमों से धन उपलब्ध कराया था।
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पांचों आरोपियों ने मिलकर रची थी साजिश
एनआईए का कहना है कि जांच में पता चला है कि पांचों आरोपियों ने हिंसक आंदोलन, बड़े पैमाने पर घाटी में बंदी के लिए विभिन्न हड़ताल कैलेंडर को अंजाम देने के लिए आपस में मिलकर साजिश रची थी। एजेंसी ने दावा किया कि विभिन्न एसएमएस, चैट, ई मेल, व्हाट्सएप और वीडियो की वसूली स्पष्ट रूप से पांचों आरोपियों के बीच साठगांठ का संकेत दे रही है।
चार जून को हुई थी अंद्राबी, शाह व भट की गिरफ्तारी
एनआईए ने 4 जून को शाह, अंद्राबी और भट को इस मामले में गिरफ्तार किया था। जनवरी 2018 में हाफिजसईद, हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और 10 कश्मीरी अलगाववादियों के खिलाफ घाटी में आतंक और अलगाववादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के लिए आरोप पत्र दायर किया था।
अंतिम रिपोर्ट में 10 अन्य आरोपी
सईद और सलाउद्दीन के अलावा, अंतिम रिपोर्ट में 10 अन्य आरोपी हैं। एनआईए ने यह मामला 30 मई 2017 को दर्ज किया था और 24 जुलाई 2017 को पहली गिरफ्तारी हुई थी।
एनआईए का कहना है कि जांच में पता चला है कि पांचों आरोपियों ने हिंसक आंदोलन, बड़े पैमाने पर घाटी में बंदी के लिए विभिन्न हड़ताल कैलेंडर को अंजाम देने के लिए आपस में मिलकर साजिश रची थी। एजेंसी ने दावा किया कि विभिन्न एसएमएस, चैट, ई मेल, व्हाट्सएप और वीडियो की वसूली स्पष्ट रूप से पांचों आरोपियों के बीच साठगांठ का संकेत दे रही है।
चार जून को हुई थी अंद्राबी, शाह व भट की गिरफ्तारी
एनआईए ने 4 जून को शाह, अंद्राबी और भट को इस मामले में गिरफ्तार किया था। जनवरी 2018 में हाफिजसईद, हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और 10 कश्मीरी अलगाववादियों के खिलाफ घाटी में आतंक और अलगाववादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के लिए आरोप पत्र दायर किया था।
अंतिम रिपोर्ट में 10 अन्य आरोपी
सईद और सलाउद्दीन के अलावा, अंतिम रिपोर्ट में 10 अन्य आरोपी हैं। एनआईए ने यह मामला 30 मई 2017 को दर्ज किया था और 24 जुलाई 2017 को पहली गिरफ्तारी हुई थी।