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सिग्नल नहीं मिलने से नहीं हो पा रही आनलाइन पढ़ाई
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ज्याौड़ियां। ग्रामीण मोबाइल सिग्नल को तरस रहे हैं। कोरोना के चलते क्षेत्र के स्कूल संचालकों की तरफ से ऑनलाइन पढ़ाई कराने की जो कक्षाएं चलाई जा रही हैं। मोबाइल सिग्नल नहीं मिलने से बच्चे नहीं पढ़ पा रहे हैं। इसके लिए स्कूलों तथा बच्चों दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि उनके स्कूल का स्टाफ हर रोज बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करा रहा है, लेकिन गांवों में मोबाइल सिग्नल नहीं मिलने से उनकी कोशिश बच्चों तक नही पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि खौड़ के गांव नरायाणा, अपर नरायाणा, ढलेरी, मसेयाल आदि गांवों में मोबाइल का सिग्नल नहीं मिलने से दिक्कतें आ रही हैं। मोबाइल सेट तथा सिम कार्ड शोपीस बन गये हैं। क्षेत्र निवासी शुभमा शर्मा, मनोज शर्मा, अनिश शर्मा, अनिल कुमार, अंकुश आदि ने बताया कि किसी भी कंपनी का सिग्नल सही तरीके से नहीं मिल रहा। इसके चलते हम लोग ऑनलाइन स्कूल तथा कॉलेज की पढ़ाई नही कर पा रहे हैं। हमें मोबाइल सिगनल के लिए क्षेत्र से बाहर निकल कर खौड़ या फिर ज्यौड़ियां कस्बे की तरफ रुख करना पड़ता है। इसको लेकर हम लोग काफी परेशान हैं। हमारे मोबाइल हमारे शोपीस बन गए हैं। क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने की भी मांग की है। उपभोक्ताओं ने बताया कि मोबाइल बड़ी जरूरत बन गई है। मोबाइल के बिना जिंदगी अधूरी हो गई है।
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एक स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि उनके स्कूल का स्टाफ हर रोज बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करा रहा है, लेकिन गांवों में मोबाइल सिग्नल नहीं मिलने से उनकी कोशिश बच्चों तक नही पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि खौड़ के गांव नरायाणा, अपर नरायाणा, ढलेरी, मसेयाल आदि गांवों में मोबाइल का सिग्नल नहीं मिलने से दिक्कतें आ रही हैं। मोबाइल सेट तथा सिम कार्ड शोपीस बन गये हैं। क्षेत्र निवासी शुभमा शर्मा, मनोज शर्मा, अनिश शर्मा, अनिल कुमार, अंकुश आदि ने बताया कि किसी भी कंपनी का सिग्नल सही तरीके से नहीं मिल रहा। इसके चलते हम लोग ऑनलाइन स्कूल तथा कॉलेज की पढ़ाई नही कर पा रहे हैं। हमें मोबाइल सिगनल के लिए क्षेत्र से बाहर निकल कर खौड़ या फिर ज्यौड़ियां कस्बे की तरफ रुख करना पड़ता है। इसको लेकर हम लोग काफी परेशान हैं। हमारे मोबाइल हमारे शोपीस बन गए हैं। क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने की भी मांग की है। उपभोक्ताओं ने बताया कि मोबाइल बड़ी जरूरत बन गई है। मोबाइल के बिना जिंदगी अधूरी हो गई है।
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