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Jammu News: जगती पहुंची अधिकारियों की टीम, मुफ्त राशन वितरण का जाना हाल
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- उच्च स्तरीय दल ने विशेष राहत राशन योजना के तहत जगती में वितरण की समीक्षा की
- जगती में हैं 5000 विस्थापित परिवार, जम्मू में 7000 परिवार पा रहे हैं मुफ्त राशन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश सरकार के उच्च अधिकारियों के एक दल ने शनिवार को प्रवासी शिविर जगती का दौरा किया। प्रवासियों के लिए विशेष राहत राशन योजना के तहत राशन वितरण की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। राशन कार्ड के डिजिटल नहीं होने के चलते प्रवासी पिछले 35 साल से राशन समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे।
टीम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशक आरके शावन, राहत एवं पुनर्वास आयुक्त डॉ. अरविंद कारवानी और आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण विभाग के अतिरिक्त सचिव सुधीर बाली समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। यह योजना 18 अप्रैल 2026 से जम्मू प्रांत के सभी राशन डिपो में लागू हो चुकी है। अब तक करीब 7000 प्रवासी परिवार योजना के तहत मुफ्त राशन प्राप्त कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि लगभग 19500 प्रवासी राशन कार्ड एनएफएसए डेटाबेस में दर्ज किए जा चुके हैं और 8000 अन्य आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। बताया कि जगती में 5000 से अधिक परिवार रहते हैं। लाभार्थियों से बातचीत कर अधिकारियों ने कहा कि जिन प्रवासी राशन कार्ड धारकों को अप्रैल माह का राशन नहीं मिल पाया है वो दो महीने (अप्रैल और मई) का राशन एक साथ प्राप्त कर सकते हैं।
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प्रवासी राशन कार्डों को एनएफएसए डेटाबेस में एकीकृत करने के बाद लगभग 600 परिवार पहले से ही वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांगता पेंशन और विवाह सहायता का लाभ उठा रहे हैं, जो मासिक राहत लाभों के अतिरिक्त है। सभी राहत कार्ड धारकों को नकद सहायता राशि पहले ही जारी कर दी गई है।
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- जगती में हैं 5000 विस्थापित परिवार, जम्मू में 7000 परिवार पा रहे हैं मुफ्त राशन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश सरकार के उच्च अधिकारियों के एक दल ने शनिवार को प्रवासी शिविर जगती का दौरा किया। प्रवासियों के लिए विशेष राहत राशन योजना के तहत राशन वितरण की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। राशन कार्ड के डिजिटल नहीं होने के चलते प्रवासी पिछले 35 साल से राशन समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे।
टीम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशक आरके शावन, राहत एवं पुनर्वास आयुक्त डॉ. अरविंद कारवानी और आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण विभाग के अतिरिक्त सचिव सुधीर बाली समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। यह योजना 18 अप्रैल 2026 से जम्मू प्रांत के सभी राशन डिपो में लागू हो चुकी है। अब तक करीब 7000 प्रवासी परिवार योजना के तहत मुफ्त राशन प्राप्त कर रहे हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि लगभग 19500 प्रवासी राशन कार्ड एनएफएसए डेटाबेस में दर्ज किए जा चुके हैं और 8000 अन्य आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। बताया कि जगती में 5000 से अधिक परिवार रहते हैं। लाभार्थियों से बातचीत कर अधिकारियों ने कहा कि जिन प्रवासी राशन कार्ड धारकों को अप्रैल माह का राशन नहीं मिल पाया है वो दो महीने (अप्रैल और मई) का राशन एक साथ प्राप्त कर सकते हैं।
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प्रवासी राशन कार्डों को एनएफएसए डेटाबेस में एकीकृत करने के बाद लगभग 600 परिवार पहले से ही वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांगता पेंशन और विवाह सहायता का लाभ उठा रहे हैं, जो मासिक राहत लाभों के अतिरिक्त है। सभी राहत कार्ड धारकों को नकद सहायता राशि पहले ही जारी कर दी गई है।