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रिश्तेदारों के यहां पनाह लेना बन गई मजबूरी
ब्यूरो, अमर अजाला, सांबा
Updated Thu, 18 Sep 2014 01:16 AM IST
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मूसलाधार बारिश से पहाड़ी गांवाें में बड़ी संख्या में कच्चे मकान गिर गए हैं। प्रभावित परिवार या तो रिश्तेदाराें के घराें में पनाह लेने के लिए मजबूर हुए हैं या फिर खुले आसमान तले डेरा डाले हैं। वहीं कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जो सरकारी स्कूलों में किसी तरह समय गुजार रहे हैं।
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स्थानीय निवासी सोहन लाल, बंती देवी, राधा रानी, कमलेश कुमारी ने बताया कि उनके गांवों में कई कच्चे मकान गिर गए हैं। लोगों को राहत मिलने का इंतजार है। उन्हाेंने बताया कि ढेर गढ, महोरगढ, पुरानी कली, कैनी, कपाही आदि गांवों में लोगोें को ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि न तो अब तक जिला प्रशासन ने सुध ली है न ही स्थानीय विधायक ने हाल पूछा है। लोगों के अनुसार जिला प्रशासन केवल कागजाें में राहत की बातें दिखा रहा है।
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