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Exclusive: आतंकियों का खात्मा करने के लिए सेना के बेड़े में शामिल हुआ ये राकेट लांचर, 1500 मीटर तक मारक क्षमता
Thu, 15 Aug 2024 08:43 AM IST
शाहरुख खान
अजय मीनिया, अमर उजाला, जम्मू
अजय मीनिया, अमर उजाला, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 15 Aug 2024 08:43 AM IST
सार
सेना के बेड़े में स्वीडन का एम 4 राकेट लांचर शामिल हो गया है। नाइट विजन कैमरों के साथ 1500 मीटर की दूरी तक चार बम फेंकने की मारक क्षमता है। मौजूदा एम 3 की तुलना में 3 किलो वजन कम है। स्वीडन से सीधे निर्मित होकर आया है। सेना ने एलओसी पर इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
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Sweden M4 rocket launcher
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय सेना आतंक पर और कड़ा प्रहार करेगी। सेना ने आतंकियों के खिलाफ चलाए जाने वाले आपरेशनल हथियारों में स्वीडन का एम 4 राकेट लांचर शामिल किया है। यह राकेट मौजूदा समय में इस्तेमाल होने वाले एम 3 राकेट लांचर की तुलना में उठाने, मारक क्षमता और रात के समय भी सटीक निशाना लगाने में बेहतर है। सेना की तरफ से एलओसी के पास इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है।
एम 4 राकेट लांचर में 4 अलग अलग तरह के बम रखे जा सकते हैं। इसकी मारक क्षमता 1500 मीटर तक है। मौजूदा समय में इस्तेमाल होने वाले एम 3 राकेट लांचर की तुलना में इसका वजन 3 किलो से कम है। एम 3 का वजन 10 किलो था और एम 4 का 7 किलो है। जिससे इसे उठाने में सहायता मिलती है।
एम 3 राकेट में तीन बम रखे जा सकते थे। लेकिन इसमें चार बम रखे जा सकते हैं। इन 4 बम में एक ऐसा बम भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसने निकलने वाले छर्रे छुपे हुए आतंकियों को बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। एक अन्य विशेषता ये है कि यह रात के समय नाइट विजन कैमरे के साथ काम करता है।
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3 किलोमीटर तक नजर रखने वाले सीसीटीवी
सेना की तरफ से एलओसी पर 360 डिग्री वाले 3 किलोमीटर दूर तक नजर रखने वाले सीसीटीवी भी इंस्टाल किए गए हैं। इन कैमरों से पाकिस्तान की तरफ जंगलों, नदियों और पाकिस्तान की पोस्टों पर नजर रखी जा रही है। ताकि किसी भी तरह की हलचल का पता चलाया जा सके। हलचल होते ही इसके लिए बनाए कंट्रोल रूम में जवान सतर्क कर देता है।
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एम 4 राकेट लांचर में 4 अलग अलग तरह के बम रखे जा सकते हैं। इसकी मारक क्षमता 1500 मीटर तक है। मौजूदा समय में इस्तेमाल होने वाले एम 3 राकेट लांचर की तुलना में इसका वजन 3 किलो से कम है। एम 3 का वजन 10 किलो था और एम 4 का 7 किलो है। जिससे इसे उठाने में सहायता मिलती है।
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एम 3 राकेट में तीन बम रखे जा सकते थे। लेकिन इसमें चार बम रखे जा सकते हैं। इन 4 बम में एक ऐसा बम भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसने निकलने वाले छर्रे छुपे हुए आतंकियों को बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। एक अन्य विशेषता ये है कि यह रात के समय नाइट विजन कैमरे के साथ काम करता है।
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3 किलोमीटर तक नजर रखने वाले सीसीटीवी
सेना की तरफ से एलओसी पर 360 डिग्री वाले 3 किलोमीटर दूर तक नजर रखने वाले सीसीटीवी भी इंस्टाल किए गए हैं। इन कैमरों से पाकिस्तान की तरफ जंगलों, नदियों और पाकिस्तान की पोस्टों पर नजर रखी जा रही है। ताकि किसी भी तरह की हलचल का पता चलाया जा सके। हलचल होते ही इसके लिए बनाए कंट्रोल रूम में जवान सतर्क कर देता है।
आतंकियों के घात से बचने को आरनाडो वाहन
जम्मू के अलग-अलग इलाकों में पिछले 2 साल में हुए आतंकी हमलों में आतंकियों ने सेना के काफिलों को निशाना बनाया है। खास तौर पर सेना के ट्रकों को निशाना बनाया गयाहै। इसे देखते हुए सेना को 1000 से ज्यादा नए आर्म्ड व्हीकल्स दिए गए हैं। सेना इन आर्म्ड व्हीकल्स की तादाद और बढ़ाने जा रही है। ये आर्म्ड व्हीकल्स पूरी तरह से बुलेटप्रूफ हैं।
जम्मू के अलग-अलग इलाकों में पिछले 2 साल में हुए आतंकी हमलों में आतंकियों ने सेना के काफिलों को निशाना बनाया है। खास तौर पर सेना के ट्रकों को निशाना बनाया गयाहै। इसे देखते हुए सेना को 1000 से ज्यादा नए आर्म्ड व्हीकल्स दिए गए हैं। सेना इन आर्म्ड व्हीकल्स की तादाद और बढ़ाने जा रही है। ये आर्म्ड व्हीकल्स पूरी तरह से बुलेटप्रूफ हैं।
इनके अंदर सेमी ऑटोमेटिक सिस्टम लगा हुआ है। इन व्हीकल्स के टायरों में अंदर से ही हवा भरी जा सकती है। इसके साथ ही इन आर्म्ड व्हीकल्स में पांच जवान एक साथ बैठ सकते हैं।
जवानों के हथियारों को रखने की जगह भी इन आर्म्ड व्हीकल्स में होती है। इसके साथ ही इस आर्म्ड व्हीकल के ऊपर मशीन गन से लेकर किसी भी दूसरी गन को माउंट किया जा सकता है।
तकनीकी तौर पर कई कदम उठाए
सीमा पर तकनीकी रूप से कई कदम उठाए गए हैं। स्मार्ट फेंस सिस्टम जो सीमा सुरक्षा और निगरानी को बढ़ाता है। क्वाडकॉप्टर, उन्नत निगरानी उपकरण, हथियार और नाइट विज़न साइट सहित नए उपरकरण लाए गए हैं। ये भारतीय सेना के नवाचार को अपनाने के अभियान को मजबूती दे रहे हैं। -प्रवक्ता, भारतीय सेना जम्मू
सीमा पर तकनीकी रूप से कई कदम उठाए गए हैं। स्मार्ट फेंस सिस्टम जो सीमा सुरक्षा और निगरानी को बढ़ाता है। क्वाडकॉप्टर, उन्नत निगरानी उपकरण, हथियार और नाइट विज़न साइट सहित नए उपरकरण लाए गए हैं। ये भारतीय सेना के नवाचार को अपनाने के अभियान को मजबूती दे रहे हैं। -प्रवक्ता, भारतीय सेना जम्मू