{"_id":"5f64ff988ebc3ef4826d1771","slug":"surat-e-hall-health-department-72-posts-vacant-out-of-112-doctors-of-reasi-reasi-news-jmu218977910","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूरत-ए-हाल स्वास्थ्य विभाग-रियासी जिले में चिकित्सकों के 112 में से 72 पद रिक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूरत-ए-हाल स्वास्थ्य विभाग-रियासी जिले में चिकित्सकों के 112 में से 72 पद रिक्त
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रियासी। जिला स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। जिले के चार चिकित्सा खंडों में चिकित्सकों के 72 पद रिक्त चल रहे हैं। इस कारण लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण जिले के सभी अस्पताल मात्र रेफरल अस्पताल बन गए हैं।
जिले के रियासी, पौनी, माहौर और कटड़ा चार चिकित्सा खंडों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के 122 पद स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र 50 विशेषज्ञ चिकित्सक ही जिले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 72 चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। जिला अस्पताल में ही 14 स्वीकृत विशेषज्ञ चिकित्सकों में से मात्र पांच ही चिकित्सक तैनात हैं, जबकि नौ पद खाली चल रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सबसे ज्यादा कमी चिकित्सा खंड माहौर में है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के 30 पद स्वीकृत हैं, लेकिन हैरत की बात है कि मात्र एक ही चिकित्सक यहां पूरे ब्लॉक में सेवाएं दे रहा है। इस के अलावा डेंटल सर्जन की छह में से पांच पद खाली हैं। खंड रियासी में दो विशेषज्ञ चिकित्सा मौजूद हैं, वहीं दो पोस्ट खाली पडी हुई है।
वहीं चिकित्सा खंड कटड़ा में भी 19 में से आठ विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्घालु भी आपात स्थिति में इन्हीं चिकित्सकों पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा पौनी में 17 में से 11 चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। 35 पंचायतों वाले इस खंड में शिवखोड़ी धाम के अलावा अन्य ग्रामीण इलाके भी दूरदराज हैं, जिनके लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं हासिल करना काफी दिक्कत भरा रहता है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजीव शर्मा के अनुसार चिकित्सकों की कमी को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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आरटीआई से हुआ खुलासा
जिला के चार चिकित्सा खंडों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है इसका खुलासा आरटीआई से हुआ है। उधमपुर जिले के एडवोकेट संजीत बवोरिया ने स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सकों की स्थिति के बारे में जानकारी मांग थी। विभाग की ओर से दी गई जानकारी से खुलासा हुआ है कि जिले में स्वीकृत विशेषज्ञ चिकित्सकों के 122 पदों में से 72 पद खाली हैं, जबकि अन्य पदों पर अभी तक भर्ती नहीं हो पाई है। एडवोकेट बवोरिया ने विशेषज्ञ चिकित्सकों के नहीं होने के लिए प्रशासन जिम्मेदार है।
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जिले के रियासी, पौनी, माहौर और कटड़ा चार चिकित्सा खंडों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के 122 पद स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र 50 विशेषज्ञ चिकित्सक ही जिले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 72 चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। जिला अस्पताल में ही 14 स्वीकृत विशेषज्ञ चिकित्सकों में से मात्र पांच ही चिकित्सक तैनात हैं, जबकि नौ पद खाली चल रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सबसे ज्यादा कमी चिकित्सा खंड माहौर में है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के 30 पद स्वीकृत हैं, लेकिन हैरत की बात है कि मात्र एक ही चिकित्सक यहां पूरे ब्लॉक में सेवाएं दे रहा है। इस के अलावा डेंटल सर्जन की छह में से पांच पद खाली हैं। खंड रियासी में दो विशेषज्ञ चिकित्सा मौजूद हैं, वहीं दो पोस्ट खाली पडी हुई है।
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वहीं चिकित्सा खंड कटड़ा में भी 19 में से आठ विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्घालु भी आपात स्थिति में इन्हीं चिकित्सकों पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा पौनी में 17 में से 11 चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। 35 पंचायतों वाले इस खंड में शिवखोड़ी धाम के अलावा अन्य ग्रामीण इलाके भी दूरदराज हैं, जिनके लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं हासिल करना काफी दिक्कत भरा रहता है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजीव शर्मा के अनुसार चिकित्सकों की कमी को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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आरटीआई से हुआ खुलासा
जिला के चार चिकित्सा खंडों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है इसका खुलासा आरटीआई से हुआ है। उधमपुर जिले के एडवोकेट संजीत बवोरिया ने स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सकों की स्थिति के बारे में जानकारी मांग थी। विभाग की ओर से दी गई जानकारी से खुलासा हुआ है कि जिले में स्वीकृत विशेषज्ञ चिकित्सकों के 122 पदों में से 72 पद खाली हैं, जबकि अन्य पदों पर अभी तक भर्ती नहीं हो पाई है। एडवोकेट बवोरिया ने विशेषज्ञ चिकित्सकों के नहीं होने के लिए प्रशासन जिम्मेदार है।