सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का राजनीतिक दलों ने किया स्वागत, जानिए किस दल ने कही क्या बात.?
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सर्वोच्च न्यायालय के जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट बहाली, पाबंदियां हटाने सहित अन्य मुद्दों की एक हफ्ते के भीतर समीक्षा करके उचित कार्रवाई के फैसले का विपक्षी दलों ने स्वागत किया है। उन्होंने प्रदेश में शीघ्र पाबंदियां हटाने के साथ इंटरनेट सेवा को बहाल करने की मांग की है।
नेशनल कांफ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि इंटरनेट और दूसरी संपर्क सेवाएं प्रभावित करने से जम्मू-कश्मीर का व्यापारी, वाणिज्य, उद्योग और अकादमिक क्षेत्र ज्यादा प्रभावित हुआ है। युवाओं को अकादमिक गतिविधियों को जारी रखने के लिए इंटरनेट की जरूरत है। पर्यटन क्षेत्र भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग राष्ट्रवादी रहे हैं, लिहाजा उनके हितों के लिए जल्द इंटरनेट सेवा बहाल की जाए। प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां बहाल करने के लिए सभी प्रमुख राजनेताओं को रिहा किया जाए। तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित दर्जनों नेताओं को नजरबंद और हिरासत में रखा गया है।
कुछ ऐसा बोले कांग्रेस के पूर्व मंत्री रमण भल्ला
कांग्रेस के पूर्व मंत्री रमण भल्ला और मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी तरह की पाबंदियों को हटाया जाए। सरकार जो दमन की नीति पर काम कर रही है, उस पर सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला दिया है।
उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को सियासी आजादी होनी चाहिए। सरकार की धारा 144 पर भी न्यायालय ने फटकार लगाई है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं को सियासी गतिविधियां करने की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही है। भाजपा विभाजन की नीति और सांप्रदायिक पार्टी के रूप में काम कर रही है।