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J&K: अनिवार्य सेवानिवृत्ति मामले पर राज्य सरकार को सुप्रीमकोर्ट का झटका
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 03 Apr 2017 08:53 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
जम्मू-कश्मीर की राज्य सरकार को राज्य सरकार को एक अफसर की अनिवार्य सेवानिवृत्ति संबंधी आदेश पर हाईकोर्ट के बाद सुप्रीमकोर्ट से भी झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने जम्मू नगर निगम के चीफ खिलाफवर्जी अफसर सतीश चंद्र खजूरिया की अनिवार्य सेवानिवृत्ति मामले पर हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह याची को सेवाकाल से जुड़े सभी लाभ सुनिश्चित करें।
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सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस संजय कृष्ण कौल की पीठ ने राज्य सरकार की एसएलपी को खारिज कर दिया। सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। खंडपीठ ने पाया कि चीफ खिलाफवर्जी अफसर को 58 वर्ष की आयु में नोटिस देकर तीन महीने का वेतन दिया गया, लेकिन उसे ड्यूटी नहीं करने दी गई।
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सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश वित्तीय अनियमितताओं के आरोप पर दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जारी किया, जबकि अफसर का सेवाकाल असाधारण और संदेहमुक्त रहा है। केवल एफआईआर दर्ज होने भर से सरकार अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश जारी नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा, सरकार याची को सभी तरह के लाभ दे। इसमें अनिवार्य सेवानिवृत्ति के दौरान शेष रही सेवा को भी नियमित हाजिरी के तौर पर लिया जाए।
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