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Jammu News: सुपर स्पेशियलिटी में डायलिसिस सेवा बंद, सर्पदंश के मरीजों का दर्द नहीं हो रहा कम

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super speciality hospital, snakebite
अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के नेफरोलाॅजी विभाग में आरओ प्लांट खराब होने से बंद पड़ी डायलिसिस सेवा से सामान्य मरीजों के साथ सर्पदंश के पीड़ितों का भी दर्द बढ़ता जा रहा है। यहां 18 मशीनें लगाई गईं हैं, लेकिन सभी बंद हैं। इससे ऐसे मरीजों को जीएमसी में ही रखा जा रहा है। यहां रोजाना एक से दो मामले सर्पदंश के पहुंच रहे हैं। इनमें कई गंभीर होते हैं और मल्टीपल शारीरिक समस्याएं होने के कारण उन्हें सुपर स्पेशियलिटी में भेजा जाता है। लेकिन डायलिसिस सेवा बंद होने से अब ऐसे मरीजों को जीएमसी की मात्र दो डायलिसिस मशीनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो अधिकतर समय व्यस्त रहती हैं। आगामी दिनों में उमस और गर्मी बढ़ने से अस्पतालों में तेजी से सर्पदंश के मामलों में बढ़ोतरी होगी।

जीएमसी जम्मू में पहुंच रहे सर्पदंश के 50 फीसदी मामले गंभीर होते हैं। इसका मुख्य कारण ऐसे पीड़ितों को तीमारदार झाड़फूंक के चक्कर में उन्हें अस्पताल लाने में प्राथमिकता देने के बजाय बाहर लेकर घूमते रहते हैं, जिससे मरीज की हालत बिगड़ जाती है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग सर्पदंश के पीड़ितों को झाड़फूंक और देसी इलाज जैसे अंधविश्वास में उनकी जान जोखिम में डाल रहे हैं। सर्पदंश के अधिकांश मामलों में कठुआ, आरएस पुरा, अखनूर, बिश्नाह, पुंछ, राजोरी आदि क्षेत्र प्रभावित रहे हैं। लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी इलाकों में भी कोबरा, वाइपर जैसे सांपों की मौजूदगी मिल रही है। वैसे तो सांपों की कई प्रजातियां हैं, जिनमें अधिकांश जहरीली नहीं होती हैं। लेकिन कुछ जहरीले सांपों के कांटे जाने के कुछ समय बाद ही शारीरिक मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं। हृदय, किडनी और दूसरे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचता है, जिससे पीड़ित को तत्काल डायलिसिस की जरूरत होती है। जीएमसी के मेडिसिन विभाग के एचओडी डाॅ. फैयाज बुखारी के अनुसार अस्पताल में रोजाना सर्पदंश के मामले पहुंच रहे हैं और आगामी दिनों में इनमें बढ़ोतरी होगी।
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ऐसे करें बचाव
1. सांप के काटने वाली जगह पर जोर से न बांधे, अधिक समय तक बांधे रखने से गेंगरीन की आशंका रहती है।
2. सांप के काटने वाली जगह कट न लगाएं, कोशिश करें हल्के से बांधकर उस हिस्से को हिलाएं-ढुलाएं न।
3. झाड़फूंक के चक्कर में समय व्यर्थ न गंवाएं और पीड़ित को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं।
4. ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर रात को नंगे पांव बाहर न निकलें, अगर जरूरी जाना है तो साथ में टाॅर्च रखें।
5. सांपों वाली जगहों पर जाने से परहेज करें।
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