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जम्मू-कश्मीर: मोदी ने पत्र भेज पुंछ के नजाकत का बढ़ाया उत्साह, असम की कला-संस्कृति का प्रसार करने की अपील
Mon, 01 May 2023 07:08 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Mon, 01 May 2023 07:08 PM IST
सार
केंद्र के शिक्षा मंत्रालय के युवा संगम अभियान ने उसके जैसे युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति को जानने समझने का मौका दिया। नजाकत चौधरी सीमावर्ती जिला पुंछ के मेंढर के निवासी हैं। उन्हें पीएम ने पत्र भेजकर अन्य जगहों की यात्रा करने का भी सुझाव दिया है।
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पुंछ के नजाकत चौधरी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जम्मू से असम तक की यात्रा करने वाले पुंछ के युवा नजाकत चौधरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्साहवर्धक के लिए पत्र भेजा है। इसको लेकर नजाकत उत्साहित है और पीएम के दूरदर्शी विजन की सराहना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को प्रधानमंत्री ने साकार कर दिखाया है।
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इसी के तहत जम्मू कश्मीर के युवा असम की कला और संस्कृति के बारे से जान रहे हैं। प्रधानमंत्री की तरफ से लिखे गए पत्र की चर्चा करते हुए नजाकत ने बताया कि जम्मू कश्मीर के सुदूर इलाकों में रहने वाले युवाओं ने सपने में भी यह नहीं सोचा कि वह भी पूर्वोत्तर की यात्रा कर सकते हैं।
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केंद्र के शिक्षा मंत्रालय के युवा संगम अभियान ने उसके जैसे युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति को जानने समझने का मौका दिया। नजाकत चौधरी सीमावर्ती जिला पुंछ के मेंढर के निवासी हैं। वह पिछले छह वर्षों से शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, आदिवासी कल्याण के अलावा अन्य सामाजिक क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।
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नजाकत को सामाजिक सेवा के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार से पुरस्कार भी मिल चुका है।पीएमन ने पत्र में लिखा है कि भारत विभिन्न संस्कृतियों का देश है और देश के कोने-कोने के युवाओं को एक दूसरे की संस्कृति को जरूर समझना चाहिए।
नजाकत को संबोधित करते हुए लिखा है कि असम की यात्रा से लौटने के बाद वह अपने अनुभव को प्रदेश के युवाओं के साथ साझा करेंगे। एक भारत, श्रेष्ठ भारत के तहत शिक्षा मंत्रालय युवाओं को देश की अलग-अलग संस्कृतियों से परिचित करा रहा है।
इसके तहत कई शिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवाओं को पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रोद्योगिकी और लोगों से जुड़ाव का बहुआयामी अनुभव कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा है कि, 'पिछले कुछ वर्षों के दौरान, हमने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि हमारा पूर्वोत्तर क्षेत्र न दिल से दूर, न दिल्ली से दूर हो।