सुब्रह्मण्यम स्वामी बोले: पलायन के मामले में अब्दुल्ला को दोष मुक्त करें, पंडित-मुस्लिम का खून एक, पीओके लेने पर ध्यान दें
सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और अब केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी अपहरण की घटना पर अब्दुल्ला का समर्थन किया था। यह पुष्टि करते हुए कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने सईद की बेटी के बदले में आतंकवादियों की रिहाई का विरोध किया था।
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भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने शनिवार को नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला को 1990 में घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर किसी भी दोष से मुक्त करने की मांग की। साथ ही तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह और उनके गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को पलायन के लिए जिम्मेदार ठहराया।
जेके पीस फोरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्वामी ने कहा कि पंडित और मुस्लिम एक जैसे हैं। उनका एक ही खून है। अगर आप दोनों का डीएनए टेस्ट कराएंगे, तो नतीजे एक जैसे ही आएंगे। उनके (पंडितों) साथ अन्याय हुआ है। सारा दोष फारूक अब्दुल्ला पर लगाया जा रहा है, लेकिन यह वीपी सिंह और मुफ्ती मोहम्मद सईद का काम था।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि सईद की बेटी रुबिया सईद को जेकेएलएफ के आतंकवादियों ने कैसे अगवा कर लिया, जिसमें सरकार को कुछ आतंकवादियों को रिहा करना पड़ा। जब मैं चंद्रशेखर सरकार में मंत्री बना तो तत्कालीन नेकां सांसद सैफुद्दीन सोज की बेटी का जेकेएलएफ ने अपहरण कर लिया था। मुफ्ती सईद और वीपी सिंह ने 13 लोगों को जेल से रिहा किया, लेकिन हमने एक भी व्यक्ति को रिहा नहीं किया। आखिरकार सोज की बेटी को जेकेएलएफ ने ऑटो रिक्शा से उसके घर पर छोड़ दिया। वे हमारी चेतावनी से डरते थे। हम समझौता करने वाले नहीं हैं।
द कश्मीर फाइल्स से संबंधित सवाल पर स्वामी ने कहा कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन पंडितों के साथ जो हुआ उसका उन्हें व्यक्तिगत अनुभव है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में फिल्मों को कैसे रोका जा सकता है। यदि आप पसंद नहीं करते हैं, इसका बहिष्कार करें। अगस्त 2019 में केंद्र द्वारा अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का उल्लेख करते हुए स्वामी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को इसके बारे में भूल जाना चाहिए, क्योंकि विशेष संवैधानिक प्रावधान कभी वापस नहीं आएंगे। जब यह किसी अन्य राज्य में नहीं है, तो कश्मीर में क्यों? उन्होंने कहा कि यह एक अस्थायी प्रावधान था।
उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और लोगों से बातचीत से मुद्दों को हल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर कुछ है तो बातचीत से उस पर चर्चा की जा सकती है। विधानसभा चुनाव होने पर आपको अच्छे प्रतिनिधियों का चुनाव करना चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि हमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर(पीओके) और लद्दाख के हिस्से को चीन से वापस लेने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।