सुभाष की बदनसीबी की दास्तां सुन रो पड़ेंगे आप
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तकदीर जब रूठती है तो किस तरह पलक झपकते सब कुछ तहस-नहस कर देती है, इस हकीकत को बयान करती है, सईं खुर्द बुढियाल के सुभाष कुमार की त्रासदी। सुभाष अपने साथ हुए एक हादसे में अपनी बाजू गंवा चुका था। इस पर भी उसने हिम्मत नहीं हारी।
अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिता रहा था। जिंदगी मजे में चल रही थी। शुक्रवार की काली सुबह ने उसे बर्बाद कर दिया। पाकिस्तान द्वारा दागा गया मोर्टार उसके आंगन में तबाही बनकर गिरा। देखते ही देखते लहूलुहान हो गया आंगन। पहले उसकी भाभी बंसो देवी पत्नी भोलाराम (40) की जान गई। फिर पत्नी कांता देवी (30) ने जीएमसी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
डाक्टरों को सुभाष की जान बचाने के लिए उनका पैर भी काटना पड़ा। बेटा शिवांग (11) जीएमसी में दायीं टांग के आपरेशन का इंतजार कर रहा था और बेटी माही इमरजेंसी आईसीयू में जिंदगी के लिए मौत से लड़ रही है। मां इंद्रो देवी (70) भी छर्रों से पूरी तरह से छलनी पड़ी है। भाई भोलाराम की हालत भी गंभीर बनी हुई है।
इस परिवार से छह लोग जीएमसी में पहुंचे थे। जिसने भी सुभाष का दर्द जाना उसके मुंह से यही निकला कि ऐसी किसी पर न बीते। पैर कटवा चुके घर के मुखिया सुभाष के सामने भी अब जिंदगी से लड़ने की जद्दोजहद रहेगी।
घर का आंगन भी हुआ सूना
निजी स्कूल में नौकरी करके सुभाष अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। छह साल की उम्र में एक क्रशर में दायीं बाजू कट जाने के बाद भी सुभाष ने जिंदगी से हार नहीं मानी थी, लेकिन उसे नहीं पता था कि पाक गोलों से दोबारा उस पर दुखों का पहाड़ टूटने वाला है।
सुभाष ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह घर के आंगन में अपने बच्चों को स्कूल के लिए तैयार कर रहा था, तभी अचानक जोरदार आवाज के साथ उनके पास एक धमाका हुआ और सब कुछ खत्म हो गया।
गोलों के स्पिलंट से बाएं पैर का एक हिस्सा बुरी तरह जख्मी हो गया था, जिसे बाद में जीएमसी में काटना पड़ा। सुभाष ने बताया कि आरएस पुरा बार्डर से उनका घर दो किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन कभी भी पाक ने ऐसी हिमाकत नहीं की थी, मगर आज इतनी बड़ी रेंज से गोले दाग दिए।
अपनी पत्नी की मौत से अंजान सुभाष ने बताया कि आरएस पुरा बार्डर से उनका घर दो किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन कभी भी पाक ने ऐसी हिमाकत नहीं की थी, मगर आज इतनी रेंज से गोले दाग दिए।
सुभाष ने बताया कि पाक रेंजर अब सीधे रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहे हैं। पाक गोलाबारी में सुभाष की भाभी की मौत हो गई और भाई भोलाराम की हालत भी गंभीर बनी हुई है। इस परिवार से छह लोग जीएमसी में पहुंचे थे।