{"_id":"62266f4988f9060c2f69be3f","slug":"stricke-jammu-city-news-jmu255273343","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों की कामछोड़ हड़ताल 48 घंटे बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों की कामछोड़ हड़ताल 48 घंटे बढ़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। आल जेएंडके पीएचई आईटीटाई ट्रेंड, सीपी वर्कर एंड लैंड डोनर एसोसिएशन के आह्वान पर शुरू हुई कामछोड़ हड़ताल को सोमवार को 48 घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है। वहीं, मांगे पूरी नहीं होने पर 14 मार्च को राजभवन के घेराव की चेतावनी दी है। इस दौरान प्रदर्शन कर आवाज को बुलंद किया।
एसोसिएशन के पदाधिकारी दीपक गुप्ता, भानू संबयाल और सरदार देवेंद्र पाल ने कहा कि वीसी रोड स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर बैठक कर हड़ताल बढ़ाने पर फैसला लिया है। लंबे समय से मांगों को अनसुना किया जा रहा है। इस कारण कर्मचारियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब 14 मार्च को उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसमें राजभवन का घेराव किया जाएगा।
प्रदेशभर में 22 हजार के करीब अस्थाई तौर पर कर्मचारी सेवारत हैं। कामकाज ठप रहने के कारण पानी की आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। कर्मचारियों को 225 रुपये प्रति दिन दिहाड़ी पर काम करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
यह हैं मांगें
आंदोलनरत कर्मचारियों की मांगों में सभी डेलीवेजरों को नियमित किया जाए, न्यूनतम वेतन एक्ट लागू किया जाए और लंबित मानदेय की अदायगी की जाए शामिल हैं।
विज्ञापन
एसोसिएशन के पदाधिकारी दीपक गुप्ता, भानू संबयाल और सरदार देवेंद्र पाल ने कहा कि वीसी रोड स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर बैठक कर हड़ताल बढ़ाने पर फैसला लिया है। लंबे समय से मांगों को अनसुना किया जा रहा है। इस कारण कर्मचारियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब 14 मार्च को उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसमें राजभवन का घेराव किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रदेशभर में 22 हजार के करीब अस्थाई तौर पर कर्मचारी सेवारत हैं। कामकाज ठप रहने के कारण पानी की आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। कर्मचारियों को 225 रुपये प्रति दिन दिहाड़ी पर काम करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
यह हैं मांगें
आंदोलनरत कर्मचारियों की मांगों में सभी डेलीवेजरों को नियमित किया जाए, न्यूनतम वेतन एक्ट लागू किया जाए और लंबित मानदेय की अदायगी की जाए शामिल हैं।