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पुलवामा में सर्च ऑपरेशन, सुरक्षाबलों को झेलना पड़ा लोगों का विरोध
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Wed, 01 Mar 2017 01:19 PM IST
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सर्च ऑपरेशन के दौरान सेना के जवान
- फोटो : File Photo
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दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के बारगाम और काकपुरा में सुरक्षाबलों द्वारा अलग-अलग तलाशी अभियान चलाए गए। इस दौरान दोनों ही जगहों पर सुरक्षाबलों को स्थानीय लोगों के विरोध-प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा।
ऐसे में सुरक्षाबलों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इस बीच, आतंकियों के साथ संबंधों के संदेह में पूछताछ के लिए उत्तरी कश्मीर के पल्हालन से हिरासत में लिए गए सभी युवाओं को पुलिस ने रिहा कर दिया। मंगलवार की सुबह सुरक्षाबलों को जानकारी मिली थी कि पुलवामा जिले के अवंतीपोरा के बारगाम गांव में कुछ आतंकी छुपे हुए हैं।
तुरंत सेना की 42 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ़ और जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। जिस समय सुरक्षाबलों द्वारा इलाके की घेराबंदी की गई, स्थानीय लोग आजादी के हक में नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतर आए। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी भी की गई। स्थिति को बिगड़ता देख सुरक्षाबलों द्वारा बल का प्रयोग भी किया गया, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होता देख घेराबंदी हटा ली गई।
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ऐसे में सुरक्षाबलों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इस बीच, आतंकियों के साथ संबंधों के संदेह में पूछताछ के लिए उत्तरी कश्मीर के पल्हालन से हिरासत में लिए गए सभी युवाओं को पुलिस ने रिहा कर दिया। मंगलवार की सुबह सुरक्षाबलों को जानकारी मिली थी कि पुलवामा जिले के अवंतीपोरा के बारगाम गांव में कुछ आतंकी छुपे हुए हैं।
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तुरंत सेना की 42 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ़ और जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। जिस समय सुरक्षाबलों द्वारा इलाके की घेराबंदी की गई, स्थानीय लोग आजादी के हक में नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतर आए। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी भी की गई। स्थिति को बिगड़ता देख सुरक्षाबलों द्वारा बल का प्रयोग भी किया गया, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होता देख घेराबंदी हटा ली गई।
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काकपुरा में भी प्रदर्शन और पथराव की खबर
encounter
- फोटो : File Photo
वहीं जिले के काकपुरा में भी ऐसे ही प्रदर्शन का सुरक्षाबलों को सामना करना पड़ा और वहां भी घेराबंदी को हटाना पड़ा। सुरक्षा अधिकारियों ने इसके बारे में किसी तरह की जानकारी से साफ इंकार किया। उनके अनुसार ऐसी कोई घटना नहीं हुई है, बल्कि सुरक्षाबलों द्वारा आतंकियों का कोई सुराग न मिल पाने पर ऑपरेशन स्थगित करने पड़े।
गौरतलब है कि जबसे सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत द्वारा आतंकियों का साथ देने वालों के साथ ओजीडब्ल्यू जैसा सलूक करने का बयान सामने आया है, तब से सुरक्षाबलों के ऑपरेशंस के दौरान ग्रामीणों द्वारा खलल डालने की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसी कई घटनाओं में आतंकी फरार होने में कामयाब भी हुए हैं।
गौरतलब है कि जबसे सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत द्वारा आतंकियों का साथ देने वालों के साथ ओजीडब्ल्यू जैसा सलूक करने का बयान सामने आया है, तब से सुरक्षाबलों के ऑपरेशंस के दौरान ग्रामीणों द्वारा खलल डालने की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसी कई घटनाओं में आतंकी फरार होने में कामयाब भी हुए हैं।