दल में नहीं मिल रहे दिल: आजाद के दौरे पर कांग्रेस में दिखी गुटबाजी, आगामी चुनावों पर पड़ सकता है असर
आजाद ने जोर दिया कि पूर्ण राज्य का दर्जा बहाली के लिए बड़े पैमाने पर आंदोलन कार्यक्रम की तैयारी करें। जम्मू कश्मीर में राज्य को निरस्त करने के बाद प्रदेश के नागरिकों को हर क्षेत्र में मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं।
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प्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद के दौरे पर गुटबाजी साफ दिखी। आजाद से मुलाकात में प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर, रमण भल्ला सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ युवा कांग्रेस से प्रदेशाध्यक्ष उदय भानू चिब, उपप्रधान रिकी डलोत्रा सहित अन्य ने दूरी बनाए रखी, लेकिन प्रदेश कांग्रेस के कई आजाद समर्थकों में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा, पूर्व मंत्री योगेश साहनी, शब्बीर खान आदि उनसे मिले। इससे साफ हो गया है कि प्रदेश कांग्रेस गुटबाजी को झेल रही है। इसका असर आगामी विधानसभा चुनावों में भी दिख सकता है।
हालांकि आजाद ने सोमवार को जम्मू में साफ किया कि अगर पार्टी उन्हें कोई जिम्मेदारी देती है, तो वह जरूरत निभाएंगे और जम्मू कश्मीर में प्रचार के लिए आते रहेंगे। जिला कांग्रेस कमेटी जम्मू (शहरी) के सदस्यों ने पूर्व मंत्री योगेश साहनी के नेतृत्व में आजाद से उनके निवास पर मुलाकात की। इसमें जम्मू पूर्व, जम्मू पश्चिम, गांधीनगर विधानसभा क्षेत्रों से वरिष्ठ जिला कांग्रेस नेता शामिल रहे। इन नेताओं ने आजाद के साथ जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाली की मांग, दरबार मूव को खत्म करने सहित अन्य पार्टी मामलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
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